अब रेलवे में जाति के आधार पर होगी रसोइए की भर्ती!

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अक्सर अखबारों में हमने शादी, नौकरी जैसे अन्य विषयों के लिए विज्ञापन देखें हैं। शादी के लिए जाति के साथ ही कई चीजें देखी जाती है, वहीं नौकरी के लिए शिक्षा और अनुभव की मांग की जाती है, लेकिन अब नौकरी के लिए भी जाति जरूरी हो रही है वो भी रेलवे (railway) में! 7 नवंबर के दिन भी अखबार में एड दिया गया और जरूरत के हिसाब से खाली पदों कि संख्या भी बताई गई, लेकिन वो केवल एक विशेष समुदाय के लिए। रेलवे (Railway Cook Jobs) ने अखबार में रसोइए की भर्ती के लिए विज्ञापन दिया, लेकिन साथ में यह भी लिख दिया कि इसके लिए केवल अग्रवाल और वैश्य समुदाय के लोग ही आवेदन करेंगे। इस विज्ञापन के अखबार में आने के बाद से ही हंगामा मचा हुआ है। कई बड़ी-बड़ी हस्तियों ने इसका विरोध किया है।

क्या लिखा है विज्ञापन में ?

बृंदावन फूड प्रोडक्ट्स (Brandavan food products) नाम की एक कंपनी जो रेलवे के लिए काम करने वाले हॉस्पिटैलिटी कॉन्ट्रैक्टर्स में से एक है ने अखबार में विज्ञापन दिया था। उस अखबार कि कटिंग अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। विज्ञापन में लिखा है कि कैटरिंग मैनेजर, बेस किचन और अन्य प्रबंधन के लिए लोगों की जरूरत है, लेकिन इसके लिए केवल अग्रवाल और वैश्य समुदाय के लोग ही आवेदन दें। जिस ठेकेदार ने यह विज्ञापन दिया है उसके अंडर 100 ट्रेनों में कैटरिंग सेंटर चलते हैं। इनकी वेबसाइट के मुताबिक, 5000 लोगों का स्टाफ है (Railway Cook Jobs)। अब इन्हें अर्जेंट बेसिस पर 100 पुरुष कर्मचारियों कि जरूरत है, जिसके लिए विज्ञापन दिया गया था। इन 100 लोगों को देश के किसी भी हिस्से में काम करना पड़ सकता है।

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इस विज्ञापन को देखने के बाद कुमार विश्वास ने अपनी प्रतिक्रिया जाहीर की (Railway Cook Jobs)। उन्होने लिखा, “बेहद शर्मनाक सोच व कार्य! संविधान की मर्यादा को तार-तार करते इस संस्थान के विरुद्ध एक कठोर व मानक कार्यवाही सरकार के ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास’ नारे को सत्य सिद्ध करेगी। जी! आशा है आप सब जो कहते रहे हैं उसे मानते भी होगें ही (Railway Jobs)। पीयूष गोयलजी, योगी आदित्यनाथजी, गृहमंत्री अमित शाह जी। आशा है आप सब जो कहते रहे हैं उसे मानते भी होगें ही।

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इस विज्ञापन के बारे में अब कंपनी का कहना है कि अग्रवाल-वैश्य समुदाय वाली शर्त गलती से लिखा गई है। हम लिखवाना नहीं चाहते थे। अगले विज्ञापन में हम इसे हटा देंगे। हर समुदाय के कैंडिडेट को अप्लाई करने की परमिशन है। रेलवे (Railway Jobs) का कहना है कि आईआरसीटीसी ने इस मामले पर संज्ञान लिया है और ठेकेदार से कहा है कि ऐसे विज्ञापन न दिए जाएं।

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   – Ranjita Pathare 

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