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ख़त्म होती कांग्रेस

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एक समय था, जब देश की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस हुआ करती थी, लेकिन आज कांग्रेस अपने वजूद को खोने से ज्यादा दूर नहीं है एक ओर देश के गिनेचुने राज्यों में ही कांग्रेस सरकार का अस्तित्व कायम है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पूरे देश में भगवा परचम लहरने में सफल हुई है यह कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस के पतन कि ज़िम्मेदारी कांग्रेस (Congress Resignation List 2019 ) के कार्यकर्ता ही हैं कांग्रेस कार्यकाल के दौरान देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर यूं तो कोई भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे, लेकिन फिर भी जबसे मनमोहन सिंह को सोनिया गाँधी कारिमोट कंट्रोलका टैग मिला, तब से उनकी  विश्वसनीय छवि कम होने लगी।

कांग्रेसी नेता का राहुल गांधी पर विवादित बयान

यूपीए सरकार के कार्यकाल में लगातार ऐसे कई फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के मामले सामने आए, जिसने जनता का कांग्रेस के प्रति विश्वास कम करना शुरू कर दिया। इसके बाद कांग्रेस पार्टी द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर राहुल गाँधी को चुनना भी बहुत बड़ी भूल साबित हुई। कांग्रेस में ऐसे और भी कई दिग्गज नेता थे, जिन्हें उस समय कांग्रेस की बागडोर पकड़ाई जा सकती थी, लेकिन फिर भी वंशवाद की राजनीति के चलते राहुल गाँधी  को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर चुना गया। और कांग्रेस की लगातार असफलताओं के चलते उन्हें इस्तीफ़ा (Congress Resignation List 2019 ) देना पड़ा।

लोकसभा चुनाव में हारे कांग्रेस नेताओं की चुनाव रद्द करने की मांग

जब विधानसभा चुनाव में बदला दृश्य

साल 2018 में राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में हुए विधान सभा चुनाव के परिणामों से कांग्रेस का अस्तित्व देश में एक बार फिर उभरता दिख रहा था, लेकिन लोकसभा चुनाव में मोदी लहर की विश्वसनीयता को लेकर कांग्रेस का एक बार फिर सूपड़ा साफ़ हो गया।

इस्तीफे पर इस्तीफे

राहुल गाँधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने के बाद (Congress Resignation List 2019) देश में लगातार कांग्रेसी नेताओं का विश्वास टूटता नज़र रहा है। हाल ही में, कर्नाटक विधानसभा के 22 कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे से पार्टी को काफी नुकसान हुआ है। इसके बाद मध्यप्रदेश से राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी पार्टी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

PM मोदी के चुनाव को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती

2024 की भी कागज़ी जंग

कांग्रेस की डूबती नैया को बचाने के लिए अब एक सशक्त सुशासन की ज़रुरत है। यदि अब भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सही नेतृत्व नहीं मिला, तो बहुत जल्द कांग्रेस पार्टी देश की पूर्व राजनीतिक दल बनकर समाप्त हो जाएगी!

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