Donate Money For Pulwama Martyrs : इन दोनों के जज्बे को सलाम

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सतसैया के दोहरे ज्यों नाविक के तीर,देखन में छोटे लगे घाव करे गंभीर  बिहारी के इस दोहे के माध्यम से हमें यह सीखने को मिलता है कि कभी भी किसी को कम नहीं आंकना चाहिए| यह बात जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के अवंतिपोरा में आतंकियों द्वारा किए गए आत्मघाती हमले में शहीद जवानों के परिजन की मदद (Donate Money For Pulwama Martyrs) के लिए आगे बढ़े लोगों पर लागू होती है|

दरअसल, कई उद्योगपतियों, फिल्म सितारों, क्रिकेटरों और धनकुबेरों ने शहीद जवानों के परिजन की आर्थिक सहायता की है, परंतु ऐसा नहीं है कि यह कार्य कोई धनवान ही कर सकता है| यदि किसी की सहायता करने का मन में जज्बा हो तो कोई बाधा आड़े नहीं आती है| कोई आम व्यक्ति या गरीब भी सहायता कर सकता है|

विवेक पटेल और नंदिनी शर्मा  दो ऐसे नाम हैं, जो इस बात को चरितार्थ करते हैं| आईये आपको इन दोनों के बारे में बताते हैं|

Donate Money For Pulwama Martyrs :

विवेक पटेल

विवेक पटेल कोई सेलेब्रिटी नहीं, बल्कि एक आम व्यक्ति ही है, लेकिन जो काम इन्होंने किया है, वह बहुत खास है| दरअसल अमरीका में रहने वाले विवेक पटेल ने महज 6 दिनों में ही पुलवामा में शहीद हुए जवानों के परिजन की सहायता के लिए 6 करोड़ रुपए एकत्र कर लिए हैं।

6 करोड़ की रकम सिर्फ 6 दिन में, कैसे ?

अमरीका में रहने वाले 26 साल के विवेक को जैसे ही खबर मिली कि पुलवामा में 40 जवान शहीद हो गए हैं तो उन्होंने मदद करने की सोची। विवेक के साथ एक मजबूरी थी कि वे अमरीका में रहते हैं औऱ वहीं के कार्ड होल्डर हैं औऱ सीधे तौर पर देश के जवानों की मदद नहीं कर पा रहे थे। इसके लिए उन्होंने शहीद परिवारों की मदद के लिए फेसबुक पर एक पेज बनाया। इस पेज का नाम दिया Indian Army-Pulwama Attack। इस पेज के जरिये उन्होंने कैंपेन चलाया।

दोगुनी रकम मिली

इस कैंपेन के जरिये उन्होंने 5 लाख डॉलर का लक्ष्य रखा था, जो भारत के साढ़े तीन करोड़ रुपए होते हैं। लक्ष्य तो साढ़े तीन करोड़ रुपए का था, लेकिन जब मुहिम चली तो आंकड़ा 6 करोड़ तक पहुंच गया। इस मुहिम में 22 हजार लोग जुड़ गए औऱ सभी ने आगे बढ़कर जवानों के परिवारों के लिए पैसे दिए।

पहले लोग इसे फेक पेज बता रहे थे, लेकिन विवेक लगातार फेसबुक पर बने रहे बाद में वर्जिनिया के एक लोकल रेडियो स्टेशन ने विवेक की बात लोगों तक पहुंचाई । जब बात रेडियो पर आ गई तो लोगों को यकीन हो गया कि कुछ भी फेक नहीं है। साथ ही लोगों ने ये भी सवाल किया कि जो पैसे वो दे रहे हैं वो सही हाथों में कैसे दिए जाएंगे।

अब इस मामले में विवेक का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने बताया है कि पैसे एकत्र हो चुके हैं, लेकिन पैसे अभी भारत नहीं पहुंच पाए हैं। उन्होंने बताया कि वो पैसे ट्रांसफर करने का इंतजार कर रहे हैं औऱ चाहते हैं कि कोई जिम्मेदार व्यक्ति इस पैसे को ले औऱ शहीद परिवार की मदद हो जाए।

नंदिनी शर्मा 

नंदिनी शर्मा ने एक वसीयत छोड़ी थी, जिसमें उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा जाहिर की थी कि उनके पैसों को देश और समाज के उपयोग में लगाया जाए। गौरतलब है कि नंदिनी शर्मा अजमेर के बजरंगगढ़ में स्थित अंबे माता मंदिर के बाहर भीख मांगती थीं और वहीं से उन्होंने ये रुपए इकट्ठा किए। वे अपने पैसे हर दिन बैंक में जमा करती थीं और अपनी मौत के बाद इन पैसों का ख्याल रखने के लिए उन्होंने दो लोगों को अपना संरक्षक बना रखा था।

नंदिनी के संरक्षकों ने उनकी मौत के बाद सही मौके का इंतजार किया। पुलवामा हमले के बाद उन्हें लगा कि यही सही मौका है और इसमें दान करने से नंदिनी को सच्ची श्रद्धांजलि मिलेगी। अजमेर के कलेक्टर विश्व मोहन शर्मा ने बताया, ‘नंदिनी के संरक्षक मेरे दफ्तर में आए और इन पैसों को मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देने की बात कही, जिससे शहीदों के परिवार की मदद हो सके। लीगल सेल ने औपचारिकताएं पूरी की और पैसा लेकर उन्हें एक सर्टिफिकेट जारी कर दिया।’

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अंकुर उपाध्याय

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