प्रियंका की राह में रोड़ा रॉबर्ड वाड्रा…

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ा दांव खेला। लंबे समय से चली आ रही चर्चाओं को उन्होंने विराम लगा दिया। उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी का महासचिव बना दिया है। प्रियंका को पूर्व यूपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रियंका गांधी के राजनीति में आने से पार्टी में नया उत्साह उत्पन्न हुआ है, लेकिन प्रियंका के लिए सियासत की राहे आसान नहीं होगी। उनके पति रॉबर्ड वाड्रा के कारण उनकी विपक्ष हमेशा उन्हें घेरने में चूकेगा नहीं।

साल 2014 में मोदी सरकार के आते ही गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के लिए परेशानी का दौरा शुरु हो गया। उनके खिलाफ कई मामले उज़ागर हुए। इन मामलों को लेकर हमेशा भाजपा गांधी परिवार पर हमला करती है।

इसमें पहला मामला बीकानेर जिले का है। जो कोलायात की एक लैंड डील से जुड़ा है। दरअसल सेना के लिए महाजन फील्ड फायरिंग रेंज बनाई गई थी। उसकी वजह से विस्थापित हुए लोगों के लिए सरकार ने एक ज़मीन का चयन किया। उसमें से 270 बीघा ज़मीन को पहले 79 लाख में खरीदा गया और बाद में उसी ज़मीन को वर्ष के अंदर पांच करोड़ में बेच दिया गया। जब मामला खुला तो रॉबर्ट वाड्रा का नाम सामने आया। उनके दो पार्टनर अशको कुमार और महेश नागर के नाम भी इस मामले में उजागर हुए। इस मामले पर प्रवर्तन निदेशालय ने साल 2015 में केस दायर किया। इस मामले में 2017 में ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के करीबियों के यहां छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। राजस्थान चुनाव से पहले ईडी ने रॉबर्ट के खिलाफ समन जारी करते हुए, उन्हें बीकानेर लैंड डील केस में पूछताछ के लिए बुलाया था।

वहीं गुडगांव में ज़मीन की खरीद फरोख्च में भी रॉबर्ट वाड्रा का नाम सामने आया था। इस मामले में भी बड़ी अनियमितता सामने आई। 1 सितंबर 2018 को रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इस मुकदमें में हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा को भी नामजद किया गया। इस घोटाले के संबंध में रॉबर्ट और हुड्डा के खिलाउ आईपीसी की धापा 420, 120बी, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

बीकानेर और गुड़गांव के अलावा, ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के मामले में भी रॉबर्ट वाड्रा के लिए परेशानी बनी। उनकी कंपनियों के लाइसेंस में अनियमितता पाई गई थी। इससे पहले रॉबर्ट वाड्रा को आयकर विभाग ने 42 करोड़ रुपए की अज्ञात आय के मामले में भी नोटिस जारी किया था। यह मामला रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्प्टलिटी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा था। हालांकि ऐसे कई मामले थे, जिनमें रॉबर्ट वाड्रा को क्लीन चिट मिल गई।

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