PFI देश के लिए खतरनाक सरकार कर रही बैन लगाने की तैयारी

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साल 2019 का जश्न अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है कि देश में एक ख़तरनाक संगठन PFI पर बैन (Ban PFI In Home Department) लगाने कि मांग ज़ोर पकड़ने लगी हैं। इसकी कहानी CAA से जुड़ी हैं। जब से देश में CAA कानून संसद के दोनों सदनों से पास हुआ, उसके बाद से देश के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश में हिसां का दौर शुरु हुआ, जिसको हवा देने का काम इस संगठन के द्वारा किया जा रहा है। PFI का पूरा नाम है – पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front of India) है यह एक चरमपंथी इस्लामी संगठन है। इसकी शुरुआत साल 2006 में नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट यानी NDF के रूप में हुई थी। बाद में ये NDF से PFI में तब्दील हो गया। आपको बता दें की इस संगठन की कई अलग-अलग शाखाएं भी हैं। जैसे महिलाओं के लिए – नेशनल वीमेंस फ्रंट (NWF – National Women’s Front) और विद्यार्थियों/युवाओं के लिए कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI – Campus Front of India)। इस संगठन का मुख्यालय नई दिल्ली में है। साल 2019 में जो 21 अप्रैल को श्रीलंका के चर्च में हमला हुआ था, उसके मुख्य आंतकी का ब्रैन वॉस इसी संगठन ने किया था।

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(Ban PFI In Home Department)  6 दिसम्बर 1992 को अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद को कुछ लोगों ने तोड़ दिया था जिसके बाद इस्लामिक चरमपंथियों को केरल में जगह मिली, जहां खाद-पानी मिलने से ये फले-फूले। इस संगठन का कहना हैं की ये गरीबों, पिछड़ों, मुस्लमानों कि आवाज़ को बुलन्द करने के लिए ही अस्तित्व में आया हैं। लेकिन असल में इस संगठन का काम हत्याएं करना, लव जिहाद, और धर्म परिवर्तन कराना है। इस संगठन कि जड़ें केरल के कालीकट से जुडी हुई है, और इसके मुख्यालय की स्थिति दिल्ली के शाहीनबाग में मानी जा रही है। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार इस संगठन कि जड़े अब तक देश के लगभग 23 राज्यों में फैल चुकी हैं।

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CAA कानून का विरोध (CAA Protest) यूं तो देश के ज्यादातर हिस्सों में हुआ, लेकिन इस आग में उत्तर प्रदेश कुछ ज्यादा ही झुलसा है(Ban PFI In Home Department)  , इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की पूरे राज्य में धारा 144 को लागू कर दिया गया था। इसके साथ ही इस संगठन के तार SIMI (Student Islamic Movement of India) से भी माना जाता हैं, जिस पर पहले से ही बैन लगा हैं। इसके अलावा इस संगठन का हाथ ISIS, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आदि बड़े आतंकी संगठनों से भी तार जुड़ने की बात कही जाती है। राज्य सहित देश को सुरक्षित रखने के लिए सबसे जरूरी यह है की इस संगठन पर बैन लगाया जाए। इसलिए राज्य के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संगठन पर बैन कि मांग कि है। राज्य के पुलिस महानिदेशक ने भी ओ.पी सिहं ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस पर बैन की मांग की हैं।

(Ban PFI In Home Department) हिंसा भड़काने के आरोप में पुलिस इस संगठन के प्रदेश अध्यक्ष इंदिरानगर निवासी वसीम अहम, प्रदेश कोषाध्यक्ष बाराबंकी निवासी नदीम और डिवीजन प्रेसीडेंट अशफाक गिरफ्तार कर चुकी है। इनसे पूछताछ में पुलिस को पीएफआई के दूसरे अन्य सदस्यों का पता चला। इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने कई जगह दबिश भी दी, लेकिन सभी अपने ठिकानों से नदारद मिले। आशंका है कि ये सभी दिल्ली और पश्चिम बंगाल भाग गए हैं।

(Ban PFI In Home Department) आपको बता दें की गठन के बाद से ही इस संगठन पर कई समाज विरोधी व देश विरोधी गतिविधियों के आरोप लगते रहे हैं। साल 2012 में केरल सरकार ने भी एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट से कहा था कि पीएफआई की गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए हानिकारक हैं।

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-Mradul tripathi

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