Nirbhaya Case : तीसरी बार भी टली निर्भया के दोषियों की फांसी

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16 दिसंबर 2012 की वो खौफनाक (Nirbhaya Convicts Hanging Postponed) रात सभी को याद है जिसने न सिर्फ राजधानी दिल्ली (Nirbhaya case)  को बल्कि पूरे देश को हिला कर रख दिया। एक पैरामेडिकल की छात्रा के साथ चलती बस में दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया उसके बाद भी जब दरिंदों (Nirbhaya Convicts) का मन नहीं भरा तो उन्होंने छात्रा के साथ बर्बरता की और उसे चलती बस से फेंक कर फरार हो गए। छात्रा को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दाखिल किया गया लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे एयरलिफ्ट कर सिंगापुर ले जाया गया जहां वह जिंदगी की जंग हार गई। उसकी मौत ने देश को हिला दिया और पूरे देश में आरोपियों को फांसी दी जाने की मांग उठी। मांग उठी निर्भया (Justice For Nirbhaya) को न्याय दिलाने की। इस आंदोलन का असर भी हुआ और फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया ताकि इस तरह की घिनौनी वारदात को अंजाम देने वालों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। निर्भया के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय (Nirbhaya Verdict) दिलाने के लिए अब तक अदालत के चक्कर काट रहे हैं और दोषियों को अब तक फांसी (Nirbhaya Convicts Hanging Date) नहीं हुई। अब तक तीन बार दोषियों को डेथ वारंट (Nirbhaya Convicts Delay in Hanging) जारी किया जा चुका है लेकिन हर बार उनकी फांसी टल गई।

निर्भया गैंगरेप : पवन की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

तीसरे डेथ वारंट (Nirbhaya Convicts Death Warrant) के अनुसार आज यानी 3 मार्च की सुबह 6 बजे चारों दोषियों को फांसी (Nirbhaya Convicts Hanging Postponed) दी जानी थी और कल शाम तक लगभग ये तय था कि चारों को फांसी जरूर दे दी जाएगी। सुबह जब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  ने दोषी विनय की याचिका खारिज (Curative Petition) की तो लगा कि दोषियों की फांसी का रास्ता साफ़ हो गया लेकिन ऐन वक़्त पर पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों की फांसी को तीसरी बार टाल दिया। इस फांसी को टाले जाने के पीछे पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषी पवन गुप्ता (Nirbhaya convict Pawan Gupta) की दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष लंबित होने की बात कही। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एनवी रमना (Justice NV Ramana in Supreme Court) की पीठ ने दोषियों की फांसी पर लटकाए जाने से रोकने की अपील भी खारिज कर दी थी, लेकिन दोषी एक बार फिर अपनी फांसी टालने में कामयाब हो गए। पहले पवन ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सुधारात्मक याचिका दायर की लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया तब उसने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दायर कर दी।

निर्भया केस : दोषियों को 3 मार्च को फांसी होगी या नहीं?

निर्भया के दोषियों (Nirbhaya Convicts Hanging Postponed) में से सिर्फ पवन को छोड़कर बाकी सभी ने अपने कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर लिया है। अब सिर्फ पवन के पास कानूनी विकल्प मौजूद थे जिसका इस्तेमाल कर उसने तीसरी बार फांसी को टलवा दिया। इससे पहले दोषियों को 22 जनवरी को फांसी दी जानी थी लेकिन तब भी दोषियों ने पैतरें आजमा कर उसे टलवा दिया था। दूसरी बार जारी हुए डेथ वारंट के अनुसार दोषियों को 1 फ़रवरी को फांसी (Nirbhaya Convicts Hanging Date)  दी जानी थी लेकिन वह भी टाल दी गई और अब तीसरी बार उनकी फांसी टाल दी गई। 7 साल से भी ज्यादा का समय हो जाने के बाद भी अब तक निर्भया को न्याय नहीं मिला। दोषियों के वकील को हर बार कोर्ट फटकार लगता है, हर बार दोषी ऐन वक़्त पर अपना दांव खेलते हैं और हर बार उनकी फांसी टाल दी जाती है। निर्भया की मां आशा देवी (Nirbhaya’s Mother Asha Devi)  का कहना है कि उनका अब न्याय व्यवस्था से विशवास उठता जा रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट में 5 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई की जाएगी जिसमें निर्भया के दोषियों को अलग-अलग फांसी पर लटकाने को लेकर दिशानिर्देश देने की मांग की गई है।

पूरा घटनाक्रम

सुबह 10:25 बजे सुप्रीम कोर्ट में पवन की सुधारात्मक याचिका खारिज

दोपहर 12:30 बजे पटियाला हाउस कोर्ट ने फांसी पर रोक लगाने वाली याचिका की खारिज

दोपहर बाद 2:00 बजे पवन की दया याचिका की जानकारी के बाद फिर बैठी अदालत

शाम 5:55 बजे पटियाला हाउस कोर्ट ने फांसी पर लगाई रोक।

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Prabhat Jain

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