24 घंटे श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात

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सेना के जवानों की जितनी भी तारीफ की जाए, कम ही होगी| तेज धूप हो, बारिश हो या फिर कड़कड़ाती ठंड, सेना के जवान हमेशा सीमा पर देश की रक्षा के लिए खड़े रहते हैं| ऐसे ही अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जवान 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं| जवानों को दो घंटे सोने का समय भी नहीं मिल रहा है|

दरअसल, एक तरफ तो प्रकृति की मार ने जवानों की परेशानियां बढ़ा दी है वहीं यात्रा पर पहुंचे श्रद्धालुओं पर आतंकियों की टेढ़ी नज़र है| यात्रा की सुरक्षा से जुड़े वरिष्‍ठ अधिकारियों का कहना है कि 60 दिनों के अंदर लगभग ढाई से तीन लाख श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए पहुंचेंगे| ऐसी स्थिति में जवानों के लिए श्रद्धालुओं को सुरक्षित पवित्र गुफा तक पहुंचाना बड़ी चुनौती है|

तेज बारिश और भूस्‍खलन की वजह से तीन दिन ए‍क भी अमरनाथ यात्री बालटाल और पहलगाम से पवित्र गुफा के लिए आगे नहीं बढ़ सका, जिससे दर्शनार्थियों की तादाद बढ़ती जा रही है| श्रद्धालुओं के दूसरे जत्‍थे भी दोनों बेस कैंप में पहुंच रहे हैं| श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए जवान उन्‍हें सहारा देकर टॉर्च के सहारे रास्‍ता पार करवा रहे हैं| जवान पहले श्रद्धालुओं की रक्षा के लिए ड्यूटी करता है फिर रेस्‍क्‍यू ऑपरेशन में चला जाता है और जब यह समय गुजरता है, तब तक उसकी ड्यूटी का समय आ जाता है| इसके बाद उसे एके-47 लेकर अपनी लोकेशन पर जाना पड़ता है|

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