संसद में प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर दिया गया चैंकाने वाला जवाब

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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) दुनिया के सबसे ज्यादा चर्चित नेताओं में से एक हैं। (PM Modi SPG) इसके अलावा वे देश के एकमात्र ऐसे शख्स हैं जिन्हें देश की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा एसपीजी मिली हुई है। इससे पहले गांधी परिवार (Gandhi family) के लोगों को भी यह सुरक्षा मिली हुई थी, जिनमें सोनिया गांधी (Soniya Gandhi) , प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  भी शामिल थे। लेकिन अब सरकार ने एक कानून बनाकर इस सुरक्षा को सिर्फ एक व्यक्ति को ही देने का प्रावधान किया है। यहां एसपीजी (SPG) को लेकर संसद में एक ऐसा जवाब दिया गया, जिसे सुनकर आप खुद भी चौंक जाएंगे।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की सुरक्षा में रोजाना एक करोड़ 62 लाख रुपये खर्च होते हैं।  (PM Modi SPG) केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Ministry of Home Affairs) ने संसद में दिए एक लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी। अब सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi SPG) को ही स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) सुरक्षा मिली हुई है। इस संबंध में संसद ने कानून बनाया है, जिसमें प्रावधान किया गया कि सिर्फ देश के प्रधानमंत्री को एसपीजी सुरक्षा दी जाएगी। प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद 5 साल तक एसपीजी सुरक्षा रहेगी और फिर हटा ली जाएगी।संसद में डीएमके सांसद दयानिधि मारन (DMK MP Dayanidhi Maran)  ने सवाल किया था कि देश में कितने लोगों को एसपीजी और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) (CRPF) द्वारा दी जाने वाली सुरक्षा मिली हुई है। इसके जवाब में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी (Union Minister of State for Home Kishan Reddy) ने बताया कि वर्तमान में सिर्फ एक शख्स को एसपीजी सुरक्षा मिली हुई है। हालांकि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री रड्डी (Union Minister of State for Home Kishan Reddy)  ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)  का नाम नहीं लिया।

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उन्होंने (PM Modi SPG) उन वीआईपी (VIP People)  लोगों की भी जानकारी नहीं दी, जिनको सीआरपीएफ की सुरक्षा मिली हुई है। किशन रेड्डी (Union Minister of State for Home Kishan Reddy) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह भी नहीं बताया गया कि साल 2014 के बाद किन वीआईपी लोगों की सीआरपीएफ (CRPF Security) सुरक्षा हटाई गई और किन लोगों को दी गई। उन्होंने केवल इतना बताया कि सिर्फ 56 लोगों को सीआरपीएफ (CRPF Security) सुरक्षा दी गई है। हालांकि डीएमके सांसद दयानिधि मारन (DMK MP Dayanidhi Maran)  ने जिन लोगों को सीआरपीएफ(CRPF Security)  सुरक्षा मिली है, उन लोगों की जानकारी भी मांगी थी।

एसपीजी सुरक्षा (PM Modi SPG) को लेकर संसद में सवाल उस समय उठाया गया, जब बजट में एसपीजी सुरक्षा के लिए आवंटित फंड में 10 फीसदी का इजाफा किया गया। साल 2020-21 के लिए एसपीजी के लिए 592.55 करोड़ रुपये बजट आवंटित किया गया है। पिछली बार बजट में एसपीजी के लिए 540.16 करोड़ रुपये के फंड का आवंटन किया गया था, तब चार लोगों को एसपीजी सुरक्षा मिली थी यानी एक व्यक्ति की सुरक्षा में 135 करोड़ रुपये का खर्च आता था। एसपीजी एक्ट में संशोधन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गांधी परिवार यानी कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा को मिली थी। पिछले साल सरकार ने गांधी परिवार को मिली एसपीजी सुरक्षा हटा ली थी। अब गांधी परिवार को सीआरपीएफ की सुरक्षा मिली हुई है।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने अभी कुछ समय पहले ही गांधी परिवार की एसपीजी (PM Modi SPG) सुरक्षा (Gandhi Family SPG Security) हटाई गई है। गृह मंत्रालय के अनुसार सोनिया गांधी (Sonia Gandhi), राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) की एसपीजी सुरक्षा हटाई गई है .इसके बाद अब उनके पास जेड प्लस सुरक्षा है. इसके अलावा केंद्र सरकार के द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Former Prime Minister Manmohan Singh) की सुरक्षा हटाई गई थी. अब पूरे देश में सिर्फ पीएम मोदी के पास ही एसपीजी का सुरक्षा कवच है।

आपकी जानकारी (PM Modi SPG) के लिए बता दें कि इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की उनके सुरक्षा गार्डों द्वारा हत्या करने के बाद प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए साल 1985 में एसपीजी की स्थापना की गई थी. साल 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद एसपीजी एक्ट में संशोधन किया गया और इसमें पूर्व प्रधानमंत्री (PM Modi SPG) और उनके परिवार को अगले 10 साल तक एसपीजी सुरक्षा देने का प्रावधान किया गया. साल 2003 में वाजपेयी सरकार में इस एक्ट में संशोधन किया गया और वह दस साल की सीमा को एक साल कर दिया गया. इसके साथ ही यह भी प्रावधान किया गया कि खतरे को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार सुरक्षा की समय सीमा तय करेगी.

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-मृदुल त्रिपाठी

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