अविश्‍वास प्रस्‍ताव : मोदी सरकार की बड़ी जीत

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मानसून सत्र के पहले दिन ही विपक्ष की ओर से मोदी सरकार के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाया गया, जिसे लोकसभा अध्यक्ष द्वारा स्वीकार भी किया गया| अब पक्ष और विपक्ष ने रणनीति बनाना शुरू कर दी है| इस मुद्दे पर 20 जुलाई को आगे की बहस होगी | अविश्‍वास प्रस्‍ताव के मुद्दे पर प्रधानमंत्री शुक्रवार को अपना पक्ष रखेंगे|

अविश्वास प्रस्ताव पर सस्पेंस बरकरार

अविश्‍वास प्रस्‍ताव स्वीकार होने के बाद से ही कयासों के दौर शुरू हो गए हैं| इस पर अभी भी सस्पेंस बरकरार रखा गया है| राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सरकार ने प्रस्ताव को सोची-समझी साजिश के तहत स्वीकार किया है| वहीं यह भी कहा जा रहा है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे सरकार के समर्थन में वोट करने का मन बना रहे हैं|

टीडीपी द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बारे में शिवसेना के सांसदों का कहना है कि उनकी पार्टी को उस प्रस्ताव पर बहुत अधिक महत्व नहीं देना चाहिए| शिवसेना सांसद टीडीपी नेता और पूर्व विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू के व्यवहार से नाराज़ हैं|

शिवसेना के नेता संजय राउत  ने कहा, “अविश्वास प्रस्ताव के बारे में अंतिम निर्णय पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे करेंगे| लोकतंत्र में सबसे पहले विपक्ष की आवाज सुनी जानी चाहिए, भले ही वह आवाज़ सिर्फ एक व्यक्ति की हो| जब जरूरी होगा, हम (शिवसेना) भी बोलेंगे| वोटिंग के दौरान जैसे हमें उद्धव ठाकरे निर्देश देंगे, हम वैसा करेंगे|”

वहीं कई लोग यह भी कह रहे हैं कि अविश्वास प्रस्ताव की बहस के दौरान शिवसेना सरकार की आलोचना करने में पीछे नहीं रहेगी, लेकिन वह विपक्षी दलों के साथ जाकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट नहीं करेगी| अब शिवसेना की रणनीति के बारे में उध्दव ठाकरे के बयान के बाद ही कुछ कहा जा सकता है|

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