मानसून सत्र: जानिए, छठे दिन क्या है बहस का मुद्दा?

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संसद के मानसून सत्र का आज छठा दिन है, आज यानी बुधवार को भी सदन में कई मुद्दों पर बहस जारी है| यह भी कहा जा रहा है कि टीडीपी आंध्र के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री पीयूष गोयल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव ला सकती है|

इन मुद्दों पर छिड़ी बहस

संसद के मानसून सत्र में आज कई मुद्दे बने बहस का विषय –

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अपनी पार्टी टीडीपी के सांसदों साथ प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ ‘विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव’ लाने का प्रस्ताव पेश किया| उनका कहना है कि केंद्र आंध्रप्रदेश के किए गए 90 फीसदी वादों को पूरा करने का दावा कर रहा है, लेकिन कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया है|

सदन में मर्यादा का रखें ध्यान

नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने सदन की कल की कार्यवाही का जिक्र करते हुए कहा कि जो कल सदन में हुआ, वह दोबारा नहीं होना चाहिए| उन्होंने कहा कि आसन पर कोई बैठा हो, लेकिन हमें मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए| चाहे कितना भी गुस्सा हो, लेकिन उसे नियंत्रित रखना चाहिए| इसके बाद उन्होंने ट्रेनों की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने वादे तो बहुत किए, लेकिन वह पूरे कब किए जाएंगे| इसके बाद रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यदि बुलेट ट्रेन आपकी सरकार में आ गई थी तो आज क्यों रो रहे हैं| आपको खुश होना चाहिए कि आपका बचा हुआ काम हम पूरा कर रहे हैं|

मुहैया कराई जाए 4 जी स्पेक्ट्रम की सुविधा

केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द बीएसएनएल को 4 जी स्पेक्ट्रम की सुविधा मुहैया कराई जाए| कॉल ड्रॉप के मुद्दे पर भी जल्द कोई समाधान निकाला जाएगा|

रोजगार में सुधार

केंद्रीय प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस मानसून सत्र में कहा कि देश के छोटे-छोटे इलाकों में भी बीपीओ शुरू हो गया है जिससे गरीब और मध्यम परिवारों की बच्चियों को काम मिल रहा है| ग्रामीण इलाकों में भी इस सुविधा बढ़ाई जा रही है और आने वाले समय में इसका विस्तार किया जाएगा|

रोजगार एक बड़ी समस्या

केंद्रीय प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने अपने क्षेत्र सिलचर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हमारे यहां रोजगार एक बड़ी समस्या है और उस दिशा में तकनीक मंत्रालय क्या कर रहा है|

वहीं राज्यसभा में भी बुधवार को हुई बहस, राज्यसभा के मुद्दे 

उठा महिला सुरक्षा का मुद्दा

सपा सांसद जया बच्चन ने राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान कहा कि हमें शर्म आती है कि हमें हर बार महिला सुरक्षा के मुद्दे पर खड़ा होना पड़ता है| हर दिन अखबार में ऐसी खबरें आती हैं| किसी मर्द को भी सदन में इस मुद्दे को उठाना चाहिए|

व्यवहार पर जताया खेद

वाईएसआर कांग्रेस के सांसद विजयसाई रेड्डी ने मंगलवार को सदन में किए गए अपने व्यवहार पर खेद जताया| और कहा, “मेरा मानना है कि मुझे बोलने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया लेकिन मेरी मंशा गलत नहीं थी|”

किसी को रोकना-टोकना मेरे लिए कष्टदायी

लोकसभा स्पीकर वेंकैया नायडू ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के वक्तव्य का जिक्र करते हुए कहा कि कल डॉक्टर साहब ने भी अपनी बात सदन में रखी और वह बहुत कम बोले लेकिन अपना संदेश जाहिर कर दिया| सभापति ने कहा कि किसी को भी रोकना-टोकना मेरे लिए भी कष्टदायी है, उम्मीद है कि आप लोग आगे से इस बात का ध्यान रखेंगे|

उठा मोरनी में हुए रेप का मामला

कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने हरियाणा के मोरनी में हुए रेप का मामला उठाते हुए कहा कि देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं, हम कानून बनाते रहें लेकिन उनका क्या काम है| बिहार में जो हुआ वह सभी ने देखा, किसी को जिम्मेदार ठहराएं लेकिन ऐसी घटनाएं रुक क्यों नहीं रही हैं| जब सरकार हिस्सेदार हो जाती है तभी ऐसा माहौल पनपता है|

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