बेहद सस्ती हो जाएगी ऑटो से लेकर हवाई यात्रा

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साल 2017 में एक जुलाई को GST पेश किया गया था। पूरे देश में GST लागू किये जाने के बाद इसमें एक दर्जन से अधिक केंद्रीय एवं राज्य करों को शामिल किया गया था। लेकिन 5 चीज़ों कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन (ATF) को GST के दायरे से बाहर रखा गया था। GST दायरे से इन्हें बाहर रखने के पीछे इन वस्तुओं पर राज्य सरकार के राजस्व की निर्भरता को बताया गया था। GST दायरे से बाहर रखे जाने की वजह से पेट्रोलियम उत्पादों पर राज्य अनुसार अलग-अलग कर देय होता है। राज्य सरकारें अपने हिसाब से इन पर तरह-तरह के कर लगाती हैं जिससे पेट्रोलियम उत्पाद महंगे हो जाते हैं।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने सोमवार को पेट्रोलियम उत्पादों को GST के दायरे में लाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman) से अपील की है। अपनी अपील में प्रधान ने विमान ईंधन (ATF) और प्राकृतिक गैस (Natural Gas) को वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाने को कहा है। उन्होंने इन उत्पादों को विभिन्न प्रकार के टैक्स से राहत देने और इस सेक्टर में सुधार हेतु यह अपील की है। सेरा वीक के इंडिया एनर्जी फोरम की बैठक में आज धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “जीएसटी लागू हुए दो साल से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान पेट्रोलियम उद्योग से सभी पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने की लगातार मांग हो रही है।”

गौरतलब है कि इस सम्मेलन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) को भी शामिल होना था। हालांकि धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के संबोधन के दौरान वित्त मंत्री सम्मेलन में नहीं पहुंच सकीं। प्रधान ने अपने संबोधन में आगे कहा कि, “मैं वित्त मंत्री से इस मामले को जीएसटी परिषद (GST Council) के समक्ष उठाने की अपील करता हूं और कम-से-कम प्राकृतिक गैस और एटीएफ को इसके दायरे में लाकर शुरूआत करने का आग्रह करता हूं।” प्रधान ने कहा कि “पेट्रोलियम क्षेत्र की जटिलता और राजस्व के नजरिये से राज्य सरकारों की इस क्षेत्र पर निर्भरता को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी व्यवस्था के दायरे से बाहर रखा गया है।”

गौरतलब है कि अगर एटीएफ और प्राकृतिक गैस को GST के दायरे में लाया जाता है तो इससे कंपनियों को कच्चे माल पर दिये जाने वाले विभिन्न तरह के टैक्स से बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा इन उत्पादों पर GST लागू होने से ईंधन पर कराधान के मामले में एकरूपता आएगी। संवाददाताओं से बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जीएसटी काउंसिल सही समय आने पर इस पर निर्णय लेगी। अगर पेट्रोलियम उत्पादों को GST में शामिल कर लिया जाता है तो ऑटो सहित हवाई यात्रा बेहद सस्ती हो जाएगी और पेट्रोल की कीमतों में भी कमी आ जाएगी।

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