पेट्रोल-डीजल ने तोड़े महंगाई के रिकॉर्ड

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क्रूड ऑइल के बढ़ते दामों के बीच देश और मध्यप्रदेश में पेट्रोल के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं| मंगलवार को इंदौर में पेट्रोल के दाम 80.28 पैसे तक पहुंच गए| पेट्रोल के यह दाम 55 माह के अधिकतम स्तर पर हैं| वहीँ डीजल के दाम भी  68.83 रुपए तक पहुंच गए हैं|

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को पेट्रोल 80.18 पैसे प्रति लीटर बिका, वहीँ देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दाम 74.50 पैसे पर पहुंच गए हैं| इससे पहले सितम्बर 2013 में पेट्रोल-डीजल के दाम इस स्तर पर पहुंचे थे|

लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों के बावजूद केंद्र सरकार ने आम आदमी को राहत देने के लिए अभी तक पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी कम नहीं की है| वहीँ राज्य सरकारों ने भी वैट को लेकर आम लोगों को कोई राहत नहीं दी है| केंद्र सरकार को अभी तक पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस बारे में कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है| अगर पेट्रोल और डीजल पर टैक्स कम नहीं किया जाता है तो आने वाले दिनों में लोगों को पेट्रोल और भी महंगे दामों पर खरीदना पड़ सकता है|

सबसे ज्यादा हिस्सा टैक्स में

पेट्रोल डीजल पर जनता को जो अधिभार आता है उसमे से अधिकांश हिस्सा सरकार के कोष में ही जाता है| अप्रैल 2014 में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 9.48 रूपए थी, लेकिन अब 19.48 रुपए है, यानि अब पेट्रोल पर जनता को 105 प्रतिशत टैक्स देना पड़ रहा है, जो की आम वर्ग के लिए बहुत ही ज्यादा है| .

90 रुपए तक जा सकते हैं दाम

वहीं वैश्विक रिसर्च फर्म जेपी मॉर्गन अनुसार यदि सीरिया में चल रहा तनाव कम नहीं हुआ तो इससे भारत में पेट्रोल की कीमत 90 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकती है, इसका कारण है कि भारत जरूरत का अधिकतर तेल आयात करता है और इसका पेमेंट डॉलर में करता है। ऐसे में यदि कीमत बढ़ती है तो ज्यादा डॉलर देने पड़ेंगे। जिसका असर रुपए पर सीधा पड़ेगा।

गौरतलब है कि 1 जनवरी 2018 से 23 अप्रैल 2018 तक, चार महीनों में पेट्रोल की कीमतों में करीब 4 रुपए का इजाफा हुआ है। पेट्रोल और डीजल में मध्यप्रदेश सरकार 4 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से सेस और 28 प्रतिशत वैट वसूलती है।

देश में बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि हमें इसे काबू में करने के लिए इसकी खपत कम करनी चाहिए क्योंकि हमें बाजार की ताकतों के हिसाब से अपने को तैयार करना होगा|  वहीं केंद्रीय मंत्री के इस बयान से साफ है कि सरकार कीमतों को काबू करने के लिए कोई कदम उठाने नहीं जा  रही है|

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