Chamki Fever पर जवाब दें बिहार सरकार : SC

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बिहार (Bihar) में चमकी बुखार (Chamki Fever) के कारण हाहाकार मचा हुआ है। अब तक इस बुखार ने 170 से ज्यादा बच्चों की जान ले ली है। बिहार में मचे हाहाकार के बीच आज इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने बिहार सरकार से सात दिन के अंदर जवाब मांगा (File Affidavits Within 7 Days On Chamki Bukhar Case) है। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने बिहार सरकार को चिकित्सा सुविधाओं, पोषण एवं स्वच्छता और राज्य में बच्चों की स्थिति के बारे में जानकारी देने का आदेश सुनाया।

Chamki Fever Alert : बिहार के बाद अब इस राज्य में चमकी का अलर्ट

याचिकाकर्ता ने स्वच्छता की स्थिति की पर्याप्तता पर कहा कि प्रदेश में भी पहले इसी तरह से कई लोगों की जान जा चुकी है। इसीलिए इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। अदालत ने इसका संज्ञान लिया और राज्य सरकार को भी इस पर जवाब दाखिल करने को कहा (File Affidavits Within 7 Days On Chamki Bukhar Case)। मामले पर अगली सुनवाई 10 दिन के बाद की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने चमकी बुखार से बच्चों की हुई मौत को गंभीरता से लिया है। कोर्ट में दायर की गई याचिका में मांग की गई है कि अदालत की तरफ से बिहार सरकार को मेडिकल सुविधा बढ़ाने के आदेश दिए जाएं, साथ ही केंद्र सरकार को इस बारे में एक्शन लेने को कहा जाए।

Chamki Bukhar : लक्षण, कारण, इलाज और बचाव?

बिहार के मुजफ्फरपुर समेत आसपास के जिलों में बीते एक महीने से चमकी बुखार को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। इसका सबसे ज्यादा असर मुजफ्फरपुर में दिखा है, जहां अकेले श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में अब तक 175 बच्चों की जानें जा चुकी हैं जबकि 525 मामले सामने आ चुके हैं।

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केंद्र सरकार के ASG विक्रमजीत बनर्जी ने कहा कि अभी हालात अब काबू में हैं। कोर्ट ने कहा कि हमने सुना है कि कई गावों में बच्चे ही नहीं बचे हैं। कुछ जगह पर हेल्थ सेंटर नहीं है। एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से हो रही बच्चों की मौत मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। जनहित याचिका में राज्य और केन्द्र सरकार को इलाज के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिये जाने की मांग की गई थी।

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