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भारत-पाकिस्तान के बीच फिर से शुरू हुई डाक सेवा

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जम्मू कश्मीर Jammu Kashmir से आर्टिकल 370 (Article 370) हटने के बाद से भारत और पाकिस्तान(India and Pakistan) के मध्य रिश्तें भारी तनावपूर्ण थे। हालांकि अभी कुछ दिन पहले करतारपुर कॉरिडोर(Kartarpur Corridor) इमरान (Imran Khan) सरकार के द्वारा भारतीय सिख समुदाय के लिए खोल दिया गया था जिससे वह अपने प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नानक साहिब गुरुद्वारा आ सके जिसके बाद से रिश्तों में थोड़ा नरमी दिखाई दी थी। उसके बाद अब तनाव के समय बंद की गई पोस्टल सेवाओं को एक बार फिर से चालू कर दिया गया है, लेकिन पार्सल सेवाएं अभी भी प्रतिबंधित है। पाकिस्तानी मीडिया ने इस बात की जानकारी दी। जानकारी के अनुसार पाकिस्तान ने 27 अगस्त से भारत से किसी भी तरह की डाक की खेप को स्वीकार नहीं किया था। जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने के विरोध को लेकर पाकिस्तान ने यह कदम उठाया था।

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पाकिस्तान द्वारा भारत को डाक के जरिए पत्र भेजने या भारत से आए पत्रों को स्वीकार करने से मना करने बाद भारतीय डाक अधिकारियों ने पाकिस्तान के पते वाली डाक को रोकने पर मजबूर होना पड़ा। उसके बाद पाकिस्तान से भेजे गए पत्रों आदि को सऊदी अरब की एयरलाइंस द्वारा उपलब्ध कराई गई सेवाओं के जरिए भारत पहुंच रहे हैं। भारत ने पाकिस्तान के इस कदम को गैर जरूरी बताते हुए कहा था कि पूर्व में विभाजन, युद्ध या सीमापार तनाव होने पर भी डाक मेल सेवाओं को बंद नहीं किया गया। लेकिन हालिया वक्त में दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच तनाव अपने चरम पर हैं।

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क्या होता है डाक में –

जानकारी के अनुसार पाकिस्तान भेजी जाने वाली चिट्ठियों में अधिकतर शैक्षिक और साहित्यिक सामग्री होती है. इसके अलावा शादी के कार्ड और जब दोनों देशों के लोगों को वीजा लेना हो, तब स्पांसर लेटर (Sponsor’s Letter) या रिश्तेदार या परिचितों से अनुमति पत्र की जरूरत होती है.वीजा अधिकारी (Visa Officers) इन पत्रों को मूल दस्तावेज के रूप में ही अमूमन स्वीकार करते हैं. हालांकि अब ईमेल के जरिए बहुत सा संवाद हो जाता है लेकिन जरूरी कागजात के आदान-प्रदान के लिए डाक सेवा का ही सहारा लेना होता है.कई बार इसका इस्तेमाल और ज्यादा जरूरी काम में होता है. मान लीजिये अगर किसी भारतीय मछुआरे (Indian Fisherman) को पाकिस्तान ने पकड़ लिया तो उसे भारत में अपने वकील को पॉवर ऑफ अटार्नी भेजने की जरूरत होती है, इसे डाक से ही भेजा जा सकता है. कोरियर से भी नहीं. साथ ही अदालतें ईमेल से भेजे गए कागजात स्वीकार नहीं करतीं. भारत से पाकिस्तान भेजी जाने वाली डाक सेवा (Postal Service) पर लगने वाला शुल्क भी कुछ अधिक ही है. पाकिस्तान भेजे जाने वाली हर 250 ग्राम वजन की डाक के लिए 810 रुपये शुल्क लेता है.

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-Mradul tripathi

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