भारत में हर दूसरा आदमी देता है रिश्वत :सर्वे

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भारत में भ्रष्टाचार और रिश्वत एक बहुत बड़ी समस्या है यहाँ आम आदमी से लेकर ख़ास आदमी तक इसकी गिरफ़्त में है। केंद्र सरकार द्वारा इस समस्या से निपटने के लिए विशेष तौर पर करवाई की जा रही है लेकिन कोई ख़ास प्रभाव नहीं पड़ा क्योंकि आज भी हर दूसरा भारतीय किसी न किसी माध्यम से घूंस दे रहा है. मतलब लगभग 50 प्रतिशत भारतीय आबादी घूंस की चपेट में है। भारत में उच्च से लेकर निम्न पदों पर आसीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके कार्य के बदले अच्छा ख़ासा वेतन दिया जाता है। लेकिन इसके बावजूद जब आम आदमी इनके पास अपनी समस्या लेकर जाता है तो उस समस्या के निराकरण के बदले वह रिश्वत कि मांग करता है। और मजबूर आदमी को रिश्वत देनी भी पड़ती है क्योकि यदि वह ऐसा नहीं करते है तो उनका काम अधर में लटका दिया जाता है।

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मध्यप्रदेश नगर निगम सबसे भ्रष्ट विभाग:-

अभी हाल ही में ट्रांसपैरंसी इंटरनैशनल इंडिया कि ओर से रिश्वत को लेकर 20 राज्यों में एक सर्वे कराया गया जिसमे इनके 1.9 लाख प्रतिभागियों में अधिकतर लोगों ने ये माना की अधिकारियों को रिश्वत देने के बाद ये सुनिश्चित हो जाता है की वह हमारा काम कर देंगे। साथ ही प्रतिभागियों ने ये भी कहा कि भ्रष्टाचार रोकने को लेकर कोई ख़ास प्रयास नहीं किये गए है। इस सर्वे में मध्य प्रदेश अकेला राज्य है जहां सबसे भ्रष्ट विभाग नगर निगम निकला। वहीं राजस्थान में हर 10 में से 7 जबकि केरल में हर 10 में से सिर्फ एक व्यक्ति ने घूस दिया इसके अलावा अन्य 11 राज्यों में सबसे ज्यादा रिश्वतखोरी प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन या जमीन संबंधी मामले निपटाने के लिए हुई। इस सर्वे में बीते 12 महीनों में लगभग 51 फ़ीसदी भारतीयों ने रिश्वत देने का काम किया है. वहीँ 16 फ़ीसदी लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने ये कहा कि वो बिना रिश्वत दिए अपना काम निकलवा लेते हैं.

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हालांकि विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष रिश्वतख़ोरी में कमी आई है पिछले वर्ष रिश्वत देने वाले लोगों को आकड़ा 56 फीसदी था जबकि इस वर्ष यह 51 फीसदी हो गया है। इस सर्वे में 64% प्रतिभागियों ने कहा कि समय से काम पूरा करवाने या ज्यादा दौड़-भाग से बचने के लिए रिश्वत देनी पड़ी। वही 82% प्रतिभागियों ने कहा कि या तो भ्रष्टाचार पर लगाम के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया या फिर उठाया गया तो वह प्रभावहीन रहा। 61% प्रतिभागियों ने कहा कि उनके राज्य या शहर में भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए कोई हेल्पलाइन नंबर नहीं है।

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-Mradul tripathi

 

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