Nirbhaya Case: दोषी विनय शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की क्यूरेटिव पिटीशन

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नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gang rape) के चरों दोषियों को फांसी की सजा मिली है (Vinay Sharma Filed Curative Petition) इसके बाद इनमे दर का माहौल है जानकारी ये भी मिली है की इन्होने खाना पीना भी छोड़ दिया है. इनमे से एक गुनहगार विनय कुमार शर्मा (Vinay Kumar Sharma)  ने फांसी की सजा के खिलाफ एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है। 2012 दिल्ली निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gang rape) केस के दोषी विनय कुमार शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटिशन (Curative petition) दायर की है। दरअसल, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने निर्भया केस के सभी गुनहगारों के खिलाफ डेथ वारंट (Nirbhaya Convicts Death warrant) जारी किया है और फांसी की सजा की तारीख मुकर्रर कर दी है। आपको बता दें की इस मामले के चार दोषियों विनय शर्मा(Vinay Sharma Filed Curative Petition), मुकेश सिंह (Vinay Singh), पवन गुप्ता (Pawan Gupta) और अक्षय कुमार सिंह (Akshay Kumar Singh) को मृत्युदंड सुनाया गया। एक अन्य दोषी राम सिंह (Ram Singh) ने 2015 में तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी और नाबालिग दोषी को सुधार गृह में तीन साल की सजा काटने के बाद 2015 में रिहा कर दिया गया था।

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निर्भया केस (Nirbhaya case) के सभी दोषियों को पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी की सजा देने का आदेश दिया है। निर्भया की मां ने पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका (Vinay Sharma Filed Curative Petition)दायर कर दोषियों के डेथ वारंट की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने निर्भया की मां के हक में फैसला सुनाया और 22 जनवरी फांसी की तारीख के तौर पर मुकर्रर कर दी। आपको बता दें कि दिल्ली में सात साल पहले 16 दिसंबर की रात को एक नाबालिग समेत छह लोगों ने एक चलती बस में 23 वर्षीय निर्भया का सामूहिक बलात्कार किया था और उसे बस से बाहर सड़क के किनारे फेंक दिया था। इस घटना की निर्ममता के बारे में जिसने भी पढ़ा-सुना उसके रोंगटे खड़े हो गए। इस घटना के बाद पूरे देश में व्यापक प्रदर्शन हुए और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर आंदोलन शुरू हो गया था।

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Nirbhaya Convict Vinay Sharma Filed Curative Petition In Supreme Court

क्यूरेटिव पिटिशन का मतलब-

क्यूरेटिव पिटिशन (Vinay Sharma Filed Curative Petition) तब दायर किया जाता है जब किसी मामले के दोषी की राष्ट्रपति के पास भेजी गई दया याचिका और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी जाती है। ऐसे में क्यूरेटिव पिटिशन (Curative petition) ही उस दोषी के पास मौजूद अंतिम मौका होता है, जिसके जरिए वह अपने लिए पहले से तय की गई सजा में नरमी की गुहार लगा सकता है। खास बात है कि क्यूरेटिव पिटिशन (Curative petition) किसी भी मामले में अभियोग की अंतिम कड़ी होता है। क्यूरेटिव पिटिशन (Vinay Sharma Filed Curative Petition) पर सुनवाई होने के बाद दोषी के लिए कानून के सारे रास्ते बंद हो जाते हैं।

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-Mradul tripathi

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