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सीतारमण ने मानी मनमोहन सिंह की बात!

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देश की अर्थव्यवस्था (Economy) की हालत खराब हो चुकी है, इसे बेहतर स्थिति में लाने के बजाए हमारे देश के दो अर्थशास्त्री आपस में भीड़ गए हैं और अपनी-अपनी सरकार का बखान कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan singh) पर टिप्पणी करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अब कहा कि किसी खास अवधि में कब और क्या गलत हुआ, इसे याद करना बेहद जरूरी है।

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मनमोहन सिंह के बयान पर सीतारमण का जवाब

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Former Prime Minister Manmohan Singh) ने कहा कि उनके शासनकाल मे कुछ कमजोरियाँ थी, जिससे अब मोदी सरकार (Modi government) को सीख लेनी चाहिए। उन्होने कहा था कि मोदी सरकार को प्रत्येक आर्थिक संकट के लिए संप्रग सरकार को दोष देना बंद करना चाहिए क्योंकि समाधान निकालने के लिए पांच साल का समय पर्याप्त होता है। चीन के लोग बड़े चतुर होते हैं और वे जानते हैं कि भारत को किस तरह फिसलाया जा सकता है। भारतीय लोग भी समझते हैं कि चीन के साथ हमारी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकल रहा है।

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मनमोहन सिंह के इस बयान के बाद वॉशिंगटन से सीतारमण ने कहा कि मैं आरोप-प्रत्यारोप में नहीं उलझने की बात कहने के लिए डॉ मनमोहन सिंह का सम्मान करती हूं, लेकिन किसी बाद का संदर्भ समझाने के लिए किसी खास अवधि में कब और क्या गलत हुआ, यह याद करना अत्यावश्यक है क्योंकि अब आरोप मुझ पर लग रहे हैं कि अर्थव्यवस्था को लेकर कोई विमर्श है ही नहीं। निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इसे और तेजी से विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आईएमएफ की ताजा रिपोर्ट में भारत और चीन दोनों की विकास दर 6.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है, लेकिन वह निश्चित ही चीन के साथ तुलना नहीं करेंगी।

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       – Ranjita Pathare

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