एक ईमानदार महिला अधिकारी जिसे ईमानदारी की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी

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कहते हैं ईमानदारी की कीमत बेहद महंगी होती है और कई बार ईमानदारी जान तक ले लेती है। यह बात पूरी तरह से सही है। दरअसल के महिला अधिकारी को अपनी ईमानदारी की कीमत अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ी। इतना ही नहीं महिला अधिकारी की हत्या के 9 माह बाद भी उसे इंसाफ तक नहीं मिला। जिस महिला अधिकारी की हम बात कर रहे हैं उनका नाम है डॉ. नेहा शौरी (Dr Neha Shoree)। जी हां वही नेहा शौरी जिनके नाम पर राष्ट्रीय अवार्ड(Neha Shoree Murder) की शुरुआत भी कर दी गई है लेकिन उनके माता-पिता अभी भी इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं। जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. नेहा शौरी की हत्या 30 मार्च को सिविल अस्पताल खरड़ स्थित फूड एंड केमिकल टेस्टिंग लैब में की गई थी।

डॉ. नेहा शौरी (Neha Shoree Murder) की हत्या मोरिंडा निवासी आरोपी बलविंदर सिंह ने उनकी लैब में घुसकर की थी। हत्या करने के बाद बलविंदर ने भागने का प्रयास भी किया लेकिन उसकी बाइक खम्बे से जा टकराई इसके बाद बलविंदर ने पकड़े जाने के डर से खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस पूरी घटना को 9 महीने हो चुके हैं लेकिन अभी तक डॉ. नेहा के परिजन इंसाफ आस में बैठे हैं। बताया जाता है कि डॉ. नेहा का हत्यारा बलविंदर साल 2009 में मोरिंडा में जसप्रीत मेडिकल स्टोर नाम की केमिस्ट शॉप चलाता था। डॉ. नेहा उस दौरान रोपड़ में ड्रग इंसपेक्टर के पद पर तैनात थीं। 29 सितंबर 2009 को डॉ. नेहा ने बलविंदर की मेडिकल शॉप पर छापा मारा और वहां से उन्हें नशे में प्रयोग होने वाली 35 तरह की दवाइयां मिली थीं। इस वजह से नेहा ने जसप्रीत मेकिडल स्टोर का लाइसेंस रद्द कर दिया था।

वहीं नेहा शौरी (Dr Neha Shoree) की हत्या के बाद उनके साथी कर्मचारी और उनके परिजन इस बात को मानने से इंकार कर रहे हैं कि भला कोई व्यक्ति 10 सालों तक मन में रंजिश दबा कर कैसे रख सकता है। इस हत्या के पीछे कोई और वजह है। इसे लेकर नेहा के परिजन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। हाईकोर्ट ने इस मामल में SIT गठित कर जांच भी करवाई लेकिन अभी तक पुलिस कोई भी जानकारी परिजन को नहीं दे पाई है। बताया जा रहा है कि नेहा के नाम पर नॅशनल अवार्ड की शुरुआत की गई है और जिस दिन यह अवार्ड दिया जाना है उसी दिन इस हत्याकांड की स्टेटस रिपोर्ट सरकार हाईकोर्ट में दाखिल करेगी।

जोनल ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी नेहा शौरी के नाम पर ऑल इंडिया ड्रग कंट्रोल ऑफिसर्स कान्फेडरेशन ने राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड शुरू किया है। इसका पहला नेहा शौरी अवार्ड फॉर बेस्ट वुमन ड्रग कंट्रोल ऑफिसर ‘विसाला अन्नम’ को दिया गया। विसाला सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाइजेशन में कार्यरत हैं। इस अवार्ड की शुरआत आज यानी 20 दिसंबर को चेन्नई में इंडियन फार्मास्युटिकल कांग्रेस के उद्घाटन समारोह में की गई।

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Prabhat Jain

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