नागालैंड में आज़ादी पर तिरंगा क्यों नहीं फहराया गया ?

0

लगता हैं कश्मीर (Kashmir) के बाद अब नागालैंड (Nagaland Celebrates 73rd Independence Day) में अलगाव वाद अपना सर उठा रहा है इसीलिए अब वहा भारत का राज्य होने के बावजूद भारत विरोधी गतिविधियां चल रही है | जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 (Article 370 removed from Jammu and Kashmir)  को हटा दिया गया है, जिसके बाद विरोध जताते हुए नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन ने म्यांमार समेत नगा आबादी वाले क्षेत्रों में 73वां नगा स्वतंत्रता दिवस मनाते हुए भारत के राष्ट्रीय ध्वज के बजाए नगा के राष्ट्रीय ध्वज को फहराया।

14 अगस्त 1947 को विभिन्न नगा जनजातियों से ताल्लुक रखने वाले नेता एकसाथ आए और कोहिमा में नगा के राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। कोहिमा अब तक नगालैंड की राजधानी है, जिसे 1963 में राज्य का दर्जा मिला था। दरअसल, यह अंग्रेजों से भारतीयों के हाथों में सत्ता का हस्तांतरण करने के बाद अपनी आजादी के अधिकार के लिए दावा करने के रूप में था। और इसी कड़ी में स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने तिरंगा ना फहराकर अपना विरोध दर्ज किया |

Article 370 पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई वकील को फटकार, कहा…

वैसे मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नगा संगठन के निनोतो अवॉमी ने कहा, ‘यह आयोजन हमारी पहचान है। आयोजन का यह कतई मतलब नहीं है कि हम भारत के खिलाफ हैं।’ यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा, ‘अगले दिन नगालैंड (Nagaland Celebrates 73rd Independence Day) के कमिश्नर हमारे पास आए और हमारे कार्यक्रम के बारे में पूछा। हमने उनसे कहा कि नगा पहचान के अभिनंदन के लिए हम ऐसा कर रहे हैं और इसमें भारत के खिलाफ जैसा तो कुछ भी नहीं है।’ फिर भी वहा के बीजेपी संगठन इसे कश्मीर का गुस्सा और राष्ट्र विरोधी मान रहे हैं | अवॉमी ने मिडिया को यह भी बताया कहा कि जो झंडा फहराया गया है वह कॉमन नगा फ्लैग है।

Video : मध्यप्रदेश में बाढ़! 250 से ज्यादा लोगों की मौत

इस फ्लैग में एक सफेद रंग का स्टार ऊपरी हिस्से में बना हुआ है और एक तिरछा रेनबो दिख रहा है, जो कि कुछ वैसा है ही जैसा कि नैशनल सोशल काउंसिल ऑफ नगालैंड के इसाक-मुइवा गुट द्वारा इस्तेमाल किया गया था, जो कि शांति समझौते के रूप में एक अलग झंडे की मांग कर रहा था। उधर, नगा हिल्स के पहले चरमपंथी समूह नगा नैशनल काउंसिल का कहना है कि नगा नैशनल फ्लैग को सही मायने में 1947 में विद्रोह के रूप में फहराया जाना चाहिए। उस वर्ष जो ध्वज फहराया गया था उसके रंग और डिजाइन में स्पष्टता थी।

बहरहाल चाहे जो कहा जाये लेकिन कश्मीर के बाद नागालैंड (Nagaland Celebrates 73rd Independence Day) पर भी भारत सरकार विरोध को खत्म कर पूरी तरह से भारत सरकार के नियंत्रण में ले आएगी इसकी चर्चा अब शुरू हो गई हैं |

क्रिकेट के इस पूर्व बड़े ओपनर ने क्यों की खुदखुशी

Share.