आरे में पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

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मुंबई (Mumbai ) की आरे कॉलोनी (Aarey Colony ) में पेड़ों की निर्मम हत्या का मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme court ) तक पहुँच गया है। इस मामले में कोर्ट ने सरकार को जमकर फटकार लगाई और पेड़ों की कटाई पर तुरंत प्रतिबंध लगाने को कहा है। वहीं सरकार का कहना है कि उन्हें जितनी जरूरत थी उतनी कटाई हो चुकी है। कोर्ट में वकील गोपाल शंकर नारायण (Advocate Gopal Shankar Narayan ) ने कहा कि आरे कॉलोनी को 2012 में फॉरेस्ट लैंड (Forest land ) घोषित किया गया था। इस दौरान जस्टिस अरुण मिश्रा (Justice Arun Mishra ) ने उनसे ग्रीन ज़ोन (Green zone ) की जानकारी मांगी।

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सर्वोच्च अदालत (Supreme court ) ने महाराष्ट्र सरकार (Government of Maharashtra ) से सवाल किया है कि इस मामले की पूरी रिपोर्ट पेश की जाए और पेड़ों की कटाई को तुरंत रोका जाए और आगे कोई भी पेड़ ना काटा जाए। इस आदेश के बाद महाराष्ट्र सरकार ने भी हामी भरी है। कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले को चेक करेंगे और आगे अपनी बात कहेंगे। अगर ये गलत है तो गलत है, चाहे एक प्रतिशत ही क्यों ना हो। अब इस मामले की सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी।

पहले से परेशान इमरान खान की परेशानी और बढ़ी

Promises kept Commitments delivered. #MMRC has planted arnd 24,000 trees across Mumbai including #AareyMilkColony and degraded areas of #SGNP. Sturdy native species like Behada,Kadamb, Karanj etc 6 – 12 inch girth & 12-15 ft height planted. 2 years efforts and results show up.

Mumbai Metro Rail Corporation – MMRC द्वारा इस दिन पोस्ट की गई शनिवार, 5 अक्तूबर 2019

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद वकील संजय हेगड़े ने बताया कि सॉलिसिटर जनरल ने अदालत में कहा है कि मेट्रो को जितने पेड़ काटने थे उतने काट लिए गए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी प्रदर्शनकारियों की भी रिहाई के आदेश दिये हैं। संजय हेगड़े का कहना है कि आरे को जंगल घोषित करने का मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने पेंडिंग चल रहा है। आरे का मसला काफी पुराना है, 1999 में SC ने जंगल की परिभाषा घोषित करने की बात कही थी, लेकिन महाराष्ट्र की ओर से इसपर परिभाषा नहीं दी गई। जब आरे मेट्रो प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई, तब संजय गांधी वन को संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की मांग हुई थी।

आरे में पेड़ों की कटाई पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

    – Ranjita Pathare

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