भारत का ग्रोथ रेट घटकर हुआ 5.8 फीसदी

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भारत में महंगाई लगातार बढ़ रही है। अब मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस (Moody’s Investors Service) ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए  जो नया अनुमान लगाया है वह चौंकाने वाला है। अब भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की ग्रोथ रेट (Growth Rate) का अनुमान 6.20 फीसदी से घटाकर 5.80 फीसदी कर दिया है। ऐसा अनुमान लगाने वाले मूडीज का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था नरमी (Economic Slowdown) से काफी प्रभावित है और इसके कुछ कारक दीर्घकालिक असर वाले हैं।

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मूडीज (Moody’s) द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि  8 फीसदी तक GDP ग्रोथ रेट की जो संभावना थी उसको निवेश आधारित सुस्ती ने कमजोर किया है। इसके अलावा मांग में कमी, ग्रामीण घरों पर आर्थिक दबाव, उच्च बेरोजगारी दर और गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान (NBFI) के पास कैश किल्लत जैसी समस्याओं ने आर्थिक सुस्ती की समस्या को और गंभीर कर दिया है।

2020-21 में होगी बढ़ोतरी

जहां मूडीज़ ने भी अभी ग्रोथ रेट में कमी का अनुमान लगाया है वहीं 2020-21 के लिए मूडीज का कहना है कि 2020-21 में 6.6 फीसदी और मध्यम अवधि में करीब 7 फीसदी हो जाएगी।  हम अगले दो साल जीडीपी की वास्तविक ग्रोथ और महंगाई में धीमे सुधार की उम्मीद करते हैं। हमने दोनों के लिये अपना पूर्वानुमान घटा दिया है। दो साल पहले की स्थिति से तुलना करें तो जीडीपी ग्रोथ रेट 8 फीसदी या इससे अधिक बने रहने की उम्मीद कम हो गई है।

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कौन है मूडीज ?

मूडीज़ की स्थापना 1909 में जॉन मूडी ने स्टॉक और बॉण्ड तथा बॉण्ड और बॉण्ड रेटिंग से संबंधित सांख्यिकी का मैनुअल बनाने के लिए कि थी। मूडीज कॉरपोरेशन की बॉण्ड-क्रेडिट की रेटिंग करने वाली कम्पनी है। इसकी निवेशक सेवा वाणिज्यिक और सरकारी संस्थाओं के द्वारा जारी किए गए बॉण्डों पर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय अनुसंधान प्रदान करती है। मूडीज़ का नाम दुनिया की सबसे बड़ी तीन क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों में स्टैंडर्ड एंड पुअर्स और फिच समूह के साथ शामिल है।

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   – Ranjita Pathare

 

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