NPR को मोदी सरकार ने दिखाई हरी झंडी, जानें अब आगे क्या होगा

0

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizen Amendment Bill 2019) मतलब CAB को लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद, राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद यह एक कानून (National Population Register) के रूप में बदल गया है। CAB (Citizen Amendment Bill) का नाम बदलकर अब CAA मतलब कि अब Citizenship Amendment Act कर दिया गया है | राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर देशभर में घमासान मचा हुआ है। जगह-जगह अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा इसके खिलाफ विरोध किया जा रहा है। इसी बीच मोदी कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है. मोदी कैबिनेट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को हरी झंडी दे दी है. जानकारी के अनुसार यह मंजूरी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर मतलब NPR को लागू करने के लिए दी गई है.

CAA-NRC बंगाल में नहीं लागू करूंगी,चाहे तो सरकार बर्खास्त कर दें

NPR में किसी कागज़ या प्रूफ देने की ज़रुरत नहीं-

आपको बता दें की कैबिनेट ने NPR के लिए 8500 करोड़ रुपये मंजूर किए है.  National Population Register हर राज्य और हर केंद्र शासित प्रदेश में लागू होगा. पॉपुलेशन रजिस्टर का मकसद देश के नागरिकों की व्यापक पहचान का डेटाबेस तैयार करना है. इसमें लोगों की संख्या गिनने के साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी होगी. जानकारी के अनुसार कैबिनेट मीटिंग के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘भारत मे अभी ब्रिटिश जमाने के हिसाब से जनगणना होती है. इसमें सभी लोगों की गिनती मुद्दा होता है. इस बार अप्रैल – सितंबर 2020 तक लाखों लोगों के घर-घर जाकर 2021 तक तकनीक की प्रक्रिया का इस्तेमाल कर पूरी प्रक्रिया को आसान किया जाएगा. ऐप तैयार किया गया है. ऐप पर दी गई जानकारी में कोई भी प्रूफ या कागज़ देने या किसी बायोमेट्रिक की ज़रूरत नहीं होगी. सरकार ने कहा कि जनता पर है भरोसा, इसलिए किसी कागज़ या प्रूफ देने की ज़रुरत नहीं होगी.

NRC को नही मान रहे BJP के नेता

क्या है NPR-

National Population Register देश के सभी सामान्य निवासियों का दस्तावेज है और नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के अनुसार स्थानीय, उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाता है. कोई भी निवासी जो 6 महीने या उससे अधिक समय से स्थानीय क्षेत्र में निवास कर रहा है तो उसे NPR में अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होता है. 2010 से सरकार ने देश के नागरिकों की पहचान का डेटाबेस जमा करने के लिए इसकी शुरुआत की. इसे 2016 में सरकार ने जारी किया था.

NPR और NRC में अंतर-

National Population Register के पीछे जहां देश में अवैध नागरिकों की पहचान का मकसद छुपा है, वहीं इसमें छह महीने या उससे अधिक समय से स्थानीय क्षेत्र में रहने वाले किसी भी निवासी को NPR में आवश्यक रूप से पंजीकरण करना होता है. बाहरी व्यक्ति भी अगर देश के किसी हिस्से में छह महीने से रह रहा है तो उसे भी एनपीआर में दर्ज होना है. NPR के द्वारा लोगों का बायोमेट्रिक डेटा तैयार कर सरकारी योजनाओं की पहुंच असली लाभार्थियों तक पहुंचाने का भी मकसद है.

पूरे देश में लाया जाएगा NRC, अवैध प्रवासियों को बाहर करेंगे: गृहमंत्री

-Mradul tripathi

Share.