खट्टर सरकार के मंत्री रणजीत चौटाला ने दंगों को बताया जीवन का हिस्सा

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राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा (Ranjit Singh Chautala Controversial Statement) में अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी हैं और 200 से ज्यादा लोग घायल हैं जिनका इलाज किया जा रहा है। हालांकि इस मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने तकरीबन 100 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। दिल्ली हिंसा (Delhi Riots 2020) मामले में हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जमकर फटकार लगाई और उन्हें भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दे दिए। ये बात भारतीय जनता पार्टी के आलाकमान को गले नहीं उतरी तो उन्होंने रातों रात हाई कोर्ट के जस्टिस इस मुरलीधर का तबादला पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में कर दिया। मतलब भड़काऊ भाषण देने वाले नेता सेफ हो गए। अब इसके बाद हरियाणा की खट्टर सरकार (Khattar Government) में मंत्री रणजीत चौटाला (Ranjit Singh Chautala) ने इस आग में घी डाल दिया और एक और बेतुका बयान दे डाला। दरअसल रणजीत चौटाला (Ranjit Singh Chautala) ने अपने बयान में कहा, “दंगे तो होते रहते हैं, पहले होते रहे हैं, ऐसा नहीं है… जब इंदिरा गांधी की हत्या हुई, तो पूरी दिल्ली जलती (Delhi Burns) रही.. ये तो जिंदगी का हिस्सा हैं… जो होते रहते हैं… सरकार इस मामले में मुस्तैदी से कंट्रोल रही है। यह दिल्ली का मामला है और ज्यूडीशियल मामला है इस पर कुछ नहीं चाहता हूं।”

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इसी तरह के भड़काऊ और बेतुके बयानों (Ranjit Singh Chautala Controversial Statement)  की वजह से भारतीय जनता पार्टी चौतरफा घिरी हुई है। इन्हीं बयानों की वजह से दिल्ली हाई कोर्ट के जज एस मुरलीधर को इन नेताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने का निर्देश देना पड़ा था। अब रणजीत चौटाला (Ranjit Singh Chautala) ने भाजपा की मुश्किलों को और थोड़ा बड़ा दिया है। रणजीत चौटाला (Ranjit Singh Chautala) वर्तमान में हरियाणा की खट्टर सरकार (Khattar Government) में बिजली मंत्री (Power Minister) हैं। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थन दिया और खट्टर सरकार (Khattar Government) में बिजली मंत्री बनाए गए। रणजीत चौटाला (Ranjit Singh Chautala) हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल (Devi Lal) के पुत्र हैं और ओमप्रकाश चौटाला (Om Prakash Chautala) के छोटे भाई हैं।

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मंत्री जी के इस बेतुके बयान (Ranjit Singh Chautala Controversial Statement) पर कवि से नेता बने कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने रिप्लाई दिया है। कवि कुमार विश्वास (Dr. Kumar Vishwas) ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि, “ये बोलो मंत्री जी की तुम्हारे जैसों की ज़िंदगी का हिस्सा है, आम हिंदुस्तानी की ज़िंदगी का नहीं ! जब तक दंगे नहीं होंगे तुम जैसे परजीवियों की दुकान सत्ता के सामान से कैसे भरेगी ? मरती रहे जनता, तुम्हारा काम बनता।” इससे पहले जब ‘आप’ के पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) के घर की छत पर दंगों का सामान जैसे, ईंट, पत्थर और पेट्रोल बम बरामद हुए थे तब कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा था, “हे युधिष्ठिर @HMOIndia @DelhiPolice माना आपको ज़हरीले नेताओं के भड़काऊ भाषणों वाले वीडियो नहीं मिलते तो क्या इस नेता की छत पर जमा पैट्रोल बमों के ज़ख़ीरे भी नहीं दिखाई देते। IB का अफ़सर इस घर में खींच कर मारा गया और आज भी सबूत मीडिया दिखा रही है, आप नदारद क्यूँ हैं ? जवाब दो ?” हालांकि आप के पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain)  के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है लेकिन भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं पर कब कार्रवाई होगी यह सवाल अभी भी जस का तस बना हुआ है।

दूसरी तरफ कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) इन दंगों को लेकर लगतार सरकार और भड़काऊ बयान  (Ranjit Singh Chautala Controversial Statement) देने वाले नेताओं पर अपने व्यंग के माध्यम से कटाक्ष कर रहे हैं। कल यानी 27 फ़रवरी को कुमार ने अपने ट्विटर हैंडल से टुडे थॉट्स यानी आज का विचार हैस टैग के साथ एक व्यंग पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने लिखा, ““ये जो हालात हैं ये सब तो सुधर जाएँगे, पर कई लोग निगाहों से उतर जाएँगे..” इसके बाद उन्होंने एक और व्यंग पोस्ट कर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “मौन यही बतलाता है इन, निर्वाचित सरकारों का, राजमहल की दीवारों से, रिश्ता है हत्यारों का..!” दिल्ली हिंसा (Delhi Violence) मामले में कल कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति को ज्ञापन देते हुए कांग्रेस पार्टी ने अपना विरोध दर्ज करवाया। इसके बाद सोनिया गांधी ने कहा, “हमने नागरिकों के जीवन, आजादी और संपत्ति को सुरक्षित करने की मांग की है। इसके साथ ही यह भी मांग करते हैं कि गृहमंत्री को हिंसा काबू न कर पाने पर पद से तुरंत हटाया जाए।”

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Prabhat Jain

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