Article 370 और कश्मीर में परदेसियों पर बिफरी माया

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कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने (Article 370 removed from Kashmir) के बाद से ही बवाल मचा हुआ है। सरकार के फैसले की कई लोगों ने आलोचना की थी, वहीं पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर जमकर विरोध किया था, जिसके बाद कई देशों के प्रतिनिधियों ने कश्मीर(Kashmir) जाने का मन बनाया था। अब इस मुद्दे पर देश में ही बवाल शुरू हो गया है। कई मुद्दों पर मोदी सरकार का समर्थन करने वाली मायावती (Mayawati) अब सरकार पर बिफर गई है। मायावती के साथ ही अन्य लोगों  ने भी सरकार पर सवाल उठाए।

मायावती ने खड़े किये सवाल

यूरोपीय संघ (The European Union ) के 28 सांसदों को सरकार ने कश्मीर जाने की इजाजत के फैसले पर बसपा प्रमुख मायावती (BSP chief Mayawati) ने सवाल खड़े किये हैं। उन्होने ट्वीट किया कि जम्मू-कश्मीर में संविधान की धारा 370 को समाप्त करने के बाद वहां की वर्तमान स्थिति के आकलन के लिए यूरोपीय संघ के सांसदों को कश्मीर भेजने से पहले भारत सरकार यदि अपने देश के खासकर विपक्षी पार्टियों के सांसदों को वहां जाने की अनुमति दे देती तो यह ज्यादा बेहतर होता। यूरोपीय संघ के सांसदों के दल की नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से मुलाक़ात की। अनुच्छेद 370 हटाने के बाद पहली बार भारत ने किसी विदेशी दल को कश्मीर जाने की इजाजत दी है।

भारत गरीबी और बेरोजगारी का देश

इसके पहले भी रविवार को मायावती ने सरकार पर निशान साधते हुए कहा था कि भारत गरीबी और बेरोजगारी की भीषण समस्याओं से ग्रस्त लोगों का देश बन गया है। केंद्र सरकार विकास की बनावटी तस्वीर का डंका पीटकर सियासी फायदा लेने की कोशिश में है। बसपा बार-बार आगाह करती रही है कि देश में जो भी विकास हो रहा है उसका डंका पीटकर सियासी फायदा लेने की कोशिश की जा रही है। ये देश के 130 करोड़ आम जनता का असली विकास नहीं है। यही वजह है कि भारत भीषण गरीबी और बेरोजगारी से ग्रस्त हो गया है।

 

    – Ranjita Pathare 

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