बीजेपी को बहुमत मिलना मतलब भैंसे से दूध दुहना

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महाराष्ट्र में सरकार (Government in Maharashtra ) बनाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच कई स्थितियां सामने आ रही है। कभी शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस (Shiv Sena NCP Congress Alliance ) मिलकर सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं तो कभी बीजेपी अपने पास पर्याप्त विधायक होने की बात कह रहे हैं। बीजेपी (BJP government in Maharashtra ) ने अंधाधून अपनी सरकार तो बना ली, लेकिन अब खुद मुसीबत में फंस गई है। कहा जा रहा है कि बीजेपी मुसीबत से बाहर निकलने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के माध्यम से बीजेपी पर फिर प्रहार किया है।

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शिवसेना ने सामना में लिखा कि अब बीजेपी को बहुमत मिलना मतलब भैंसे से दूध दुहने जैसा है। अजीत पवार के रूप में उन्होंने एक भैंसे को अपने बाड़े में लाकर बांध दिया है और भैंसे से दूध दुहने के लिए ऑपरेशन कमल योजना बनाई है। यही लोग सत्ता ही उद्देश्य नहीं है ऐसा प्रवचन झाड़ते हुए नैतिकता बघार रहे थे। अब तुम्हारे पास बहुमत है ये देखकर ही राज्यपाल ने शपथ दिलाई है, ऐसा तुम कह रहे हो न? तो फिर ऑपरेशन कमल जैसी उठाईगीरी क्यों? हम उन्हें इस उठाईगीरी और भैंसागीरी के लिए शुभकामनाएं देते हैं। आज राज्य में हर तरफ बीजेपी की थू-थू हो रही है। भैंसे की गंदगी बीजेपी के स्वच्छ और पारदर्शक जैसे चेहरे पर उड़ने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बेचैन हो गए होंगे।

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सामना में आगे लिखा है कि फडणवीस और उनके लोग इस भ्रम में थे कि अजीत पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस को तोड़कर 25-30 विधायकों को लेकर बीजेपी के बाड़े में आ जाएंगे। महाराष्ट्र में जो कुछ हो रहा है उसे नाटक कहना रंगमंच का अपमान है। बीजेपी के हाथ में सत्ता है, जांच एजेंसियां हैं, भरपूर काला पैसा है और इसके दम पर राजनीति में मनचाहा उन्माद लाने की कोई सोच रहा होगा तो ये शिवराय के महाराष्ट्र का अपमान है। वास्तव में महाराष्ट्र में फिलहाल जो राजनीतिक अस्थिरता है, वो भारतीय जनता पार्टी के कारण, उनकी व्यावसायिक वृत्ति के कारण और फंसाने की कला के कारण है। पहले उन्होंने शिवसेना जैसा मित्र खो दिया और अब वे शातिर चोर की तरह रात के अंधेरे में अपराध कर रहे हैं।

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    – Ranjita Pathare

 

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