चाचा शरद पवार से बागी हुए अजित पवार, बना ली बीजेपी के साथ सरकार

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महाराष्ट्र की राजनीति में मचे घमासान के बाद बीजेपी ने सारी अटकलों पर विराम लगा दिया है। बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis ) एक बार फिर सूबे के सरदार बन गए हैं। उन्होने मुख्यमंत्री पद की शपथ (Devendra Fadnavis take oath as Maharashtra Chief Minister again ) ले ली है। शनिवार सुबह सामने आए इस फैसले से जितना कोलाहल मचा हुआ है उससे भी कही ज्यादा इस बात पर लोग चर्चा कर रहे हैं कि क्या एनसीपी नेता अजित पवार (NCP’s Ajit Pawar take oath as Deputy CM ) ने अपने चाचा और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से बगावत कर ली है। कुछ लोगों का कहना है कि महाराष्ट्र की नई सरकार के बारे में शरद पवार को जानकारी नहीं है। वहीं एनसीपी के सूत्रों का कहना है कि अजित पवार के पास एनसीपी के 40 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है।

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महाराष्ट्र से हटा राष्ट्रपति शासन

महाराष्ट्र में लगा राष्ट्रपति शासन आज देवेंद्र फडणवीस के सीएम पद की शपथ लेने से पहले सुबह 5.47 बजे ही हटा दिया गया। इसके बाद ही सीएम और डिप्टी सीएम के पद की शपथ ली गई। शपथ ग्रहण के बाद देवेंद्र फडणवीस का बयान (Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis statement ) सामने आया। लोगों ने हमें एक स्पष्ट जनादेश दिया था, लेकिन परिणाम आने के बाद शिवसेना ने अन्य दलों के साथ सहयोगी होने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रपति शासन लगाया गया। महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार की जरूरत है, एक खिचड़ी सरकार की नहीं।

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महाराष्ट्र में स्थिर सरकार

डिप्टी सीएम के रूप में शपथ लेने के बाद अजीत पवार ने बयान दिया और कहा कि परिणाम आने के दिन से आज तक कोई भी पार्टी सरकार नहीं बना पाई, महाराष्ट्र में किसान मुद्दों सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, इसलिए हमने एक स्थिर सरकार बनाने का फैसला किया। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार एनसीपी चीफ शरद पवार, देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार के गठन के लिए चर्चा का हिस्सा थे, उन्होंने अजीत पवार को अपनी सहमति दी थी। वहीं इसके पहले कई लोगों ने यह भी  कहा कि अजित पवार के फैसले के बारे में  शरद पवार को कोई जानकारी नहीं है।

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       Ranjita Pathare 

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