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शिवसेना के साथ सरकार बनाने के लिए कांग्रेस की शर्त

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महाराष्ट्र में सरकार (Maharashtra Government) बनाने को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। इसी बीच चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। शिवसेना (Shiv Sena) ने जिस मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी (Bharatiya Janata Party ) से सालों पुराना रिश्ता तोड़ दिया, अब उसी पद के लिए उसके सामने नई शर्त रखी जा रही है। वहीं एनसीपी (NCP ) के सूत्रों का कहना है कि केवल कांग्रेस के कारण सरकार के गठन में देरी हो रही है। साथ ही यह भी कहना है कि जब शिवसेना बीजेपी के साथ सरकार बनाने के लिए शर्तों में राजी थी, तो अब हमारे साथ ही शर्तें माननी होगी।

एनसीपी के नेता अजीत पवार (NCP leader Ajit Pawar ) का  इस मामले पर कहना है कि दिल्ली से कांग्रेस का फोन था कि क्या आज दिल्ली में शरद पवार मीटिंग के लिये आ सकते हैं। हमने कहा कि आज विधायकों के साथ बैठक है इसलिए संभव नहीं होगा, लेकिन महाराष्ट्र के कांग्रेस नेताओं से हमने कहा है कि वो मुंबई आएं और हम मीटिंग कर एक कॉमन मिनिमम कार्यक्रम बनाते हैं उन्होंने कहा है आने के लिए देखते हैं। अभी भी कांग्रेस के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। कांग्रेस ने कल भी जवाब नहीं दिया था। कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा है और जो भी फैसला है वो साथ में है। शिवसेना के साथ कभी हमने मिलकर चुनाव नहीं लड़ा है इसलिए कांग्रेस थोड़ा वक्त ले रही है।

ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला तय होगा तभी बनेगी सरकार

बीजेपी के साथ सरकार बनाने के लिए शिवसेना की ओर से दिया गया सीएम पद का ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला अब एनसीपी ने भी पकड़ लिया है। कहा जा रहा है कि एनसीपी शर्त लगा रही कि यदि शिवसेना बीजेपी के साथ मुख्यमंत्री पद को लेकर ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर राजी है तो हमारे साथ क्यों नहीं। एनसीपी के पास सिर्फ 2 सीटें कम हैं और ऐसे में सीएम पद पर इस फॉर्मूले को लेकर बात की जा सकती है। वहीं कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि वे शिवसेना के भरोसे गठबंधन नहीं कर सकते। यदि एनसीपी के उम्मीदवार को सीएम बनाया जाएगा, तभी वे शिवसेना को समर्थन देने के लिए राजी होंगे।

   – Ranjita Pathare 

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