विधायकों को कैद कर बीजेपी को रोकेगी शिवसेना ?

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MUMBAI : महाराष्ट्र (Maharashtra ) की राजनीति के चुनावी दंगल के कारण सब कुछ उथल-पुथल हो गया है। शिवसेना (Shiv Sena ) और भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party ) दोनों के दावों के बाद भी अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है कि आखिर मुख्यमंत्री किस पार्टी का बनेगा। शिवसेना बीजेपी के सामने नतमस्त्क होगी या भाजपा को अपना सिर झुकना पड़ेगा। कई बैठकें हो रही है, राज्यपाल से मुलाक़ात हो रही है, लेकिन इनका कोई फल नहीं मिल रहा है अभी भी वैसी ही स्थिति बनी हुई है जैसे विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद बनी थी। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 9 रातिख को समाप्त हो जाएगा।

कौन बनेगा महाराष्ट्र का शहंशाह ?

महाराष्ट्र ने बीजेपी और शिवसेना अपनी शर्तों को मनवाले के लिए कई कोशिशे कर रही है। गुरुवार दोपहर बीजेपी के नेताओं ने महाराष्ट्र के राज्यपाल से सरकार के गठन को लेकर बात की। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Governor Bhagat Singh Koshyari ) से मुलाकात के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल (BJP state president Chandrakant Patil ) ने कहा कि जनता ने बीजेपी-शिवसेना को बहुमत दिया है। हमने राज्यपाल को सरकार बनने की देरी में बताया। अब फैसला केंद्रीय नेतृत्व को लेना होगा। वहीं शिवसेना नेता संजय राउत का कहना है कि हमारे पास अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए बहुमत है। हमें यह दिखाने की जरूरत नहीं है। विधानसभा में हम बहुमत साबित करेंगे। हमारे पास विकल्प हैं। विकल्पों के बिना हम नहीं बोलते।

उद्धव के हाथों में महाराष्ट्र का फैसला

उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री पर हुई बैठक के बाद शिवसेना के विधायकों ने कहा कि आगे की रणनीति उद्धव ठाकरे बनाएंगे। मुख्यमंत्री तो शिवसेना का ही होगा। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से बीजेपी नेताओं की मुलाकात पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि हमारा रुख नहीं बदला है। शिवसेना के हित में उद्धव ठाकरे फैसला लेंगे। सीएम तो शिवसेना का ही होगा। राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा किए बगैर खाली हाथ क्यों लौट आए। बहुमत सिर्फ बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन को नहीं मिला है, बल्कि गठबंधन की शर्तों को भी मिला है।

    – Ranjita Pathare 

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