Cyclone Bulbul : महा के साथ बुलबुला का मिलन इन राज्यों में लाएगा तबाही

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चक्रवाती तूफान महा (Cyclone Maha ) का खतरा अभी भारत से कम हुआ भी नहीं था कि अब तूफान बुलबुल (Storm bulbul ) से फूटे बुलबुले के कारण फिर खतरा मंडरा गया है। बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) में उठे तूफाने के कारण फिर से संकट बढ़ने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है कि विक्षोभ गहराने से व्यापक बारिश होने का पूर्वानुमान है (Cyclone Bulbul Live Updates)। इस तूफान कि चपेट में कई राज्य आने वाले हैं, जहां पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने कि तैयारी की रही है।

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भुवनेश्वर मौसम केंद्र (Bhubaneswar Weather Center ) के निदेशक एचआर बिस्वास (HR Biswas ) ने तूफान बुलबुल के बारे में बताया कि यह तंत्र बांग्लादेश में खेपुपाड़ा के 960 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में है। अगले 24 घंटे में इस दबाव क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में जोर पकड़ने तथा कुछ समय के लिये इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम की दिशा में आगे बढ़ने की आशंका है। इसके बाद इसके उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा से सटे क्षेत्रों और बांग्लादेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है। यह तूफान 7वां ऐसा चक्रवाती तूफान है जो भारत से एक साल टकराने वाला है (Cyclone Bulbul Live Updates)। इसका सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा में देखने को मिलेगा। इसके साथ ही अरब सागर में चक्रवाती तूफान महा का खतरा पहले से ही मौजूद है।

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महा और बुलबुल मिलकर मचाएंगे तबाही

जानकारों का कहना है कि यदि महा और बुलबुल तूफान (Cyclone Bulbul) मिल जाये तो भयंकर तबाही मचा सकते हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, आंध्र और ओडिशा पर इसका सीधा असर पड़ेगा। ऐसे में बारिश के साथ ही तेज हवाएँ भी चलेगी। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन तूफान का अधिक असर नहीं दिखेगा। मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर अंडमान के पास सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में तब्दील हो गया है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि बुलबुल तूफान ओडिशा या पश्चिम बंगाल में कहा और कैसे टकराएगा। फिलहाल इसका केंद्र पारादीप से करीब 950 किलोमीटर दूर है। तूफान के प्रभाव से आगामी नौ नवंबर से ओडिशा के तटीय जिलों में बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। 10 एवं 11 नवंबर को राज्य में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा के चलने और भारी से भारी बारिश होने कि भी आशंका जताई जा रही है।

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    – Ranjita Pathare 

 

 

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