दिग्विजय सिंह सहित कई कांग्रेस मंत्री-विधायक हिरासत में

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मध्यप्रदेश में चल रहे सियासी खींचतान के बीच बागी विधायकों से मिलने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh Arrested) और अन्य मंत्री-विधायक पहुंचे। बेंगलुरु (Bengaluru)  में मौजूद कांग्रेस (Congress) के 16 बागी विधायकों से मिलने से इन कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने रोका। लेकिन जब कांग्रेस के विधायक नहीं माने तो उन्हें देर रात ही गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस थाने के सामने ही कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Congress Leader Digvijaya Singh) , कांतिलाल भूरिया और कुणाल चैधरी (Kunal Chaudhary) धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे इन कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सभी नेताओं को हिरासत में लेकर अमरुताहल्ली थाने पहुंचाया जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे अब जेल में ही भूख हड़ताल करेंगे। बता दें कि कांग्रेस के बागी विधायक कर्नाटक के रमादा होटल में ठहरे हुए हैं। जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अपने बागी विधायकों को मानाने पहुंचे तो उन्हें होटल के बाहर ही स्थानीय पुलिस ने रोक लिया जिस पर सभी धरने पर बैठ गए।

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जब दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh Arrested)   और अन्य कोंग्रेसी नेता विधायकों से मिलने पहुंचे और उन्हें होटल के बाहर ही स्थानीय पुलिस द्वारा रोक लिया गया तो दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके पास न तो बम हैं और न कोई हथियार, फिर पुलिस उन्हें क्यों रोक रही है? दिग्विजय सिंह ने कहा- “पुलिस हमें विधायकों से मिलने नहीं दे रही है। मैं मध्य प्रदेश का राज्यसभा उम्मीदवार हूं। 26 तारीख को राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा में वोटिंग होनी है। हमारे विधायकों को यहां होटल में बंधक बनाकर रखा गया है। वे हमसे बात करना चाहते हैं, लेकिन उनके मोबाइल छीन लिए गए। भाजपा नेता अरविंद भदौरिया और कुछ गुंडे अंदर हैं। विधायकों की जान को खतरा है। मेरे पास हाथ में ना बम है, ना पिस्तौल और ना कोई हथियार है। फिर भी पुलिस मुझे क्यों रोक रही है। मुझे मिलवा दें, उसके बाद चला जाऊंगा। इसमें क्या परेशानी है।”

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दिग्विजय के बयान (Digvijaya Singh’s statement)  के बाद भी जब उन्हें विधायकों से मिलने नहीं दिया गया तो वे होटल के बाहर ही अपने साथी नेताओं (Digvijaya Singh Arrested) के साथ धरने पर बैठ गए। इसके बाद सभी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा, “बेंगलुरु में तो भाजपा की सरकार है। पुलिस भी उन्हीं के इशारे पर काम कर रही है। मुझे तो भाजपा के राज में भी उनकी पुलिस के बीच डर नहीं लग रहा। लेकिन भाजपा नेताओं को किस बात का डर है, क्या वे खुद अपनी पुलिस से डर रहे हैं? मैं यहां गांधीवादी तरीके से अपने विधायकों से मिलने आया हूं। उम्मीद है कि वे जल्द लौट जाएंगे। 5 विधायकों से मेरी बात हुई तो उन्होंने बंधक होने की जानकारी दी। होटल में 27 घंटे पुलिस का पहरा है। विधायकों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।”

बता दें कि बागी विधायकों को लेने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh Arrested) के साथ मंत्री तरुण भनोत, सज्जन सिंह वर्मा (Sajjan Singh Verma) , हर्ष यादव (Harsh Yadav) , विधायक कांतिलाल भूरिया (Kantilal Bhuria) , आरिफ मसूद, कुणाल चौधरी भी बेंगलुरु पहुंचे। इन सभी नेताओं-विधायकों को कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने रिसीव किया। कर्नाटक में भाजपा की येदियुरप्पा सरकार पर आरोप लगाते हुए शिवकुमार ने कहा कि येदियुरप्पा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि, “हमारी भी अपनी रणनीति है। मौजूदा हालात में मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता यहां अकेले नहीं है। मैं हमेशा उनके साथ खड़ा हूं। हम चाहते हैं कि कर्नाटक में कानून व्यवस्था नियंत्रण में रहे।” गौरतलब है कि इससे पहले मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी भी बागी विधायकों को मानाने बेंगलुरु पहुंचे थे। उन्हें भी होटल के बाहर रोक लिया गया था। इसके बाद उनकी पुलिस से झड़प हुई थी और पुलिस ने उन्हें व अन्य मंत्रियों को हिरासत में ले लिया था। मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने कांग्रेस को फ्लोर टेस्ट करने के लिए कहा था। वहीं सूबे के मुख्यमंत्री कमलनाथ भी राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिख बेंगलुरु से सभी 22 विधायकों को वापस लाने की मांग कर चुके हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पत्र में लिखा था कि विधायकों के वापस लौटने के बाद ही फ्लोर टेस्ट हो सकता है। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर विधायकों को बंधक बनाने का आरोप भी लगाया था।

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Prabhat Jain

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