20 फीट की ऊंचाई पर हवा में भरा गया ईंधन

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देश में पहली बार सफलतापूर्वक हल्के लड़ाकू विमान तेजस में हवा में उड़ान के दौरान ईंधन भर गया। इस तरह भारत उन देशों के विशिष्ट समूह में शामिल हो गया, जिसके पास सैन्य विमानों के लिए हवा में उड़ान के दौरान ईंधन भरने की प्रणाली है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने यह जानकारी दी। हल्के लड़ाकू विमान विकसित करने वाली एचएएल की एक विज्ञप्ति में बताया कि बीस हज़ार फुट की ऊंचाई पर वायु सेना के आईएल78 के ईंधन भरने वाले टैंकर से तेजस एलएसपी8 में 1900 किलोग्राम ईंधन भरा गया।

कुछ दिन पहले वायुसेना ने रुस में निर्मित आईएल-78 एमकेआ टैंकर का इस्तेमाल करते हुए हवा में ईंधन भरने का सफल परीक्षण किया था। ग्वालियर में स्टेशन से एचएएल और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) के अधिकारी सभी मानकों पर करीबी नज़र रखे हुए थे। एचएएल के अनुसार, ईंधन भरे जाने के दौरान लड़ाकू विमान तेजस की रफ्तार 270 नॉट थी। रिफ्यूलिंग के दौरान तेजस की कमान विंग कमांडर सिद्धार्थसिंह के हाथों में थी।

विज्ञप्ति में एचएएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आर.माधवन के हवाले से कहा गया है कि इसके साथ भारत उन देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास सैन्य श्रेणी के विमानों के लिए हवा में उड़ान के दौरान ईंधन भरने की प्रणाली है। 4 और 6 सितंबर को भी रिफ्यूलिंग के लिए तेजस ने टैंकर एयरक्राफ्ट से ग्वालियर में ही ड्राय कॉन्टैक्स किया था, तब ईंधन नहीं भरा गया था। वहीं तीन महीने पहले लड़ाकू विमान तेजस से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण रहा था।

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