विधि आयोग ने मांगा सुझाव

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देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव करवाने की कार्रवाई तेज हो गई है। विधि आयोग ने इसकी पहल की है। इस संबंध में विधि आयोग एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जो कुछ दिनों में सरकार को सौंपी जाएगी। आयोग ने एक प्रश्नावली बनाकर जनता और प्रतिष्ठित लोगों से इस मुद्दे पर सुझाव देने के लिए कहा है। राजनीतिक दलों, छात्रों, नौकरशाहों, संविधान विशेषज्ञों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों से आयोग राय मांगेगा और फिर विधि आयोग इस बात का फैसला करेगा कि यह रिपोर्ट सरकार तक किस रूप में जाएगी।

जारी की प्रश्नावली

विधि आयोग ने इस प्रस्ताव पर एक प्रश्नावली भी जारी की है, जिसके जरिये वे बुद्धिजीवियों से इस मसले पर सुझाव चाहती हैं। आयोग चाहता है कि ‘एक साथ चुनाव’ की परिभाषा तय हो। इस परिभाषा में शामिल करने के लिए जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 2 में संशोधन का प्रस्ताव आयोग ने किया है। इसके लिए लोकसभा नियमावली में धारा 198-A जोड़ी जा सकती है। ऐसा ही नियम राज्य की विधानसभा नियमावली में भी जोड़ा जा सकता है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री भी सहमत

एक साथ चुनाव की मांग तेजी से उठ रही है। इस मांग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी सहमत हैं। पीएम मोदी ने कहा है कि ऐसा करने से चुनाव के आर्थिक खर्चों में भी कमी आएगी और अलग-अलग चुनाव कराने में जो समय लगता है, वह देश के विकास में उपयोग होगा।

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