बस स्टैंड से एयरपोर्ट तक हर जगह कुल्हड़ में मिलेगी चाय

0

ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं होगा जो अपनी ज़िन्दगी में कभी रेलवे स्‍टेशन, बस स्‍टैंड, एयरपोर्ट और मॉल्‍स में न गया हो। इन सभी जगह पर आपने चाय भी जरूर पी होगी। लेकिन अब इन जगह पर मिलने वाली चाय का स्वरुप बदलने वाला है। अब सोच रहे होंगे कि भला चाय का स्वरुप कैसे बदल सकता है? तो आपको बता दें कि अब इन सभी जगह पर आपको जो चाय मिलेगी वो कांच के गिलास में नहीं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल मिटटी के कुल्‍हड़ में मिलेगी। जी हां आपने बिल्कुल ठीक पढ़ा। अब आपको रेलवे स्‍टेशन, बस स्‍टैंड, एयरपोर्ट और मॉल्‍स में मिटटी के कुल्‍हड़ में चाय दी जाएगी।

INX Case : कोर्ट ने 4 दिन बढ़ाई P चिदंबरम की रिमांड

गौरतलब है कि अब से चाय को मिटटी के कुल्हड़ों में दिए जाने को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन और एमएसएमई (MSME) मंत्री नितिन गडकरी ने इस संबंध में रेल मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र लिखा है। फिलहाल मौजूदा समय में केवल वाराणसी और रायबरेली रेलवे स्टेशन पर मिट्टी के कुल्हड़ में चाय मिलती है। इस बारे में जानकारी देते हुए नितिन गडकरी ने बताया कि “मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र लिखकर 100 रेल स्टेशनों पर कुल्हड़ को अनिवार्य करने के लिए कहा है। मैंने हवाईअड्डों तथा बस डिपो की चाय दुकानों पर भी इसे अनिवार्य करने का सुझाव दिया है।”

G7 Summit 2019 Live : कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप को मोदी का करारा जवाब…

इस बारे में नितिन गडकरी का कहना है कि मिट्टी के कुल्हड़ का इस्तेमाल करने के लिए मॉल को भी प्रोत्साहित करेंगे। गडकरी ने कहा कि इस पहल से जहां स्थानीय कुम्हारों को बाजार मिल जाएगा वहीं प्लास्टिक से बने गिलासों का इस्तेमाल बंद हो जाएगा। प्लास्टिक और कागज़ से बने गिलासों के इस्तेमाल से पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। इस मामले में कुल्हड़ के उत्पादन के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए नितिन गडकरी ने खादी ग्रामोद्योग आयोग को कहा है।

कश्मीर के बाद शाह-मोदी के निशाने पर नक्सलवादी

Share.