सियोल शांति पुरस्कार की कहानी

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दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सोल पीस प्राइज (Seoul Peace Prize ) यानी सियोल शांति पुरूस्कार से नवाजा गया। इस पुरूस्कार को एशिया महाद्वीप का नोबल पुरस्कार कहा जाता है और यह सम्मान दुनिया के सबसे बड़े सम्मान नोबल पुरूस्कार के बाद सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है। इस शांति पुरूस्कार की शुरुआत सन 1990 में की गई थी। हालांकि इसे 24वें ग्रीष्म ओलंपिक खेलों के सफल आयोजन की याद में स्थापित किया गया था।

24वें ग्रीष्म ओलंपिक खेलों में 160 देशों ने हिस्सा लिया था और इसे पिछले कई दशकों के दौरान सबसे सफल आयोजन माना गया था। पूरी दुनिया में इन ओलंपिक खेलों के माध्यम से सौहार्द्रता और दोस्ती का नया अध्याय प्रारम्भ हुआ। कोरिया द्वारा इस पुरूस्कार को शुरू करने के पीछे सिर्फ यह मकसद था, वह दुनिया को सिर्फ यह बताना चाहता था कि वह पूरी दुनिया में शांति चाहता है। वहीं कोरिया ने इस पुरूस्कार को स्थापित करके यह सन्देश दिया कि वह हमेशा शांति के लिए कार्य करता रहेगा। इसके बाद प्रत्येक वर्ष दुनिया के किसी एक शख्स को शांति के लिए बढिया काम करने के लिए यह पुरूस्कार दिया जाता है।

Seoul Peace Prize किसे दिया जाएगा उसका चुनाव करने का अधिकार 1100 लोगों को दिया गया है। इन लोगों के समूह में 300 कोरियाई लोग और 800 अंतरराष्ट्रीय लोग शामिल हैं। वहीं इस पुरूस्कार पाने वाले विजेता को एक प्रमाण पत्र, एक प्लेट और सम्मान राशि के तौर पर 2 लाख डॉलर (करीब 1.42 करोड़ रुपए) दिए जाते हैं। पुरूस्कार शुरू किए जाने के बाद सर्वप्रथम 1990 में इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष जुआन अंतोनियो समारांच को, इस सम्मान से नवाजा गया था। अब तक 13 लोगों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका हैं और प्रधानमंत्री मोदी 14 वे व्यक्ति हैं जिन्हे यह सम्मान हासिल हुआ है।

गौरतलब है कि इससे पहले बांग्लादेश के मोहम्मद युनूस, पाकिस्तान के अब्दुल सत्तार इलाही और यूएन के पूर्व महासचिव घाना के कोफी अन्नान आदि को यह सम्मान प्राप्त हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को, अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में बेहतर काम करने, ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ में बेहतर प्रदर्शन करने और भारत में ह्यूमन डेवलपमेंट के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य के लिए इस पुरूस्कार से सम्मानित किया गया है।

गौरतलब है कि पीएम मोदी ऐसे पहले भारतीय हैं जिन्हें सियोल शांति पुरूस्कार (Seoul Peace Prize ) हासिल हुआ है। इससे पहले उन्हें फिलिप कोटलर प्रेसीडेंशियल अवार्ड भी दिया जा चुका है। इतना ही नहीं, पीएम मोदी फिलिस्तीन और अफगानिस्तान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त कर चुके हैं। वहीं टाइम के एशिया संस्करण ने अपने कवर पेज पर भी मोदी को स्थान दिया है। टाइम ने साल 2014 और 2016 में पीएम मोदी को पर्सन ऑफ ईयर भी चुना था।

प्रभात

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