दुनिया के इतिहास के सबसे ज्यादा खूंखार तानाशाह

0

दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां आज भी तानाशाही(Most Brutal Dictators in History) बरकरार है और वहां के शाशक तानाशाह हैं। जब भी दुनिया के किसी देश में तानाशाही होती है तो वहां लाखों बेगुनाहों का खून बहाया जाता है। तानाशाहों शाशकों को केवल सत्ता की भूख होती है और वे इसे पाने के लिए हैवानियत की किसी भी हद तक जा सकते हैं। आज हम आपको दुनिया के ऐसे ही 10 सबसे क्रूर तानाशाहों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने कई वर्षों तक जनता को अपनी तानाशाही(Dictators) का शिकार बनाया। इन तानाशाहों की सनक की बेगुनाह जनता हमेशा शिकार हुई है।

मुअम्मर अल-गद्दाफ़ी

सबसे पहले हम आपको बताने जा रहे हैं गद्दाफी(Kim Jong-un) के बारे में जो लीबिया के सिरते शहर में एक खानाबदोश बद्दू कबीले में जन्मा था। सन 1967 में अरब-इस्राइल युद्ध में अरब की हार हुई और तब उदय हुआ गद्दाफी के शासन का। राष्ट्रवाद की लहर की वजह से गद्दाफी का शासन कायम हुआ और गद्दाफी ने लीबिया पर पूरे 42 साल तक राज किया। इस दौरान अरब की हार का जिम्मेदार वहां के शासक इदरिस(Idris) को ठहराया गया। गद्दाफी का तख्ता पलट करने की कोशिश एक बार अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने की थी जिसके बाद गद्दाफी ने धार्मिक समर्थन के लिए अंग्रेजी कैलेंडर के महीनों के नाम तक बदल दिए। लीबिया की आर्थिक स्थिति की हालत बेहद ख़राब थी और इसे सुधारने के लिए गद्दाफी ने तेलशोधक कंपनियों को नया करार करने या फिर लीबिया छोड़ने की चेतावनी दे डाली। इसके बाद लीबिया के अर्थव्यवस्था में काफी उछाल आया। गद्दाफी हमेशा अपनी महिला गार्ड्स और बुलेट प्रूफ गाड़ियों के लिए सुर्ख़ियों में बना रहता था। साल 2011 के अक्टूबर माह में एक सैन्य हमले में गद्दाफी मारा गया।

मुहम्मद होस्नी सईद इब्राहीम मुबारक

अरब गणराज्य मिस्त्र के चौथे राष्ट्रपति के रूप में मुहम्मद होस्नी सईद इब्राहीम मुबारक(Muhammad Hosni El Sayed Mubarak) स्थापित हुए थे। मुबारक ने 1981 से लेकर 2011 तक मिस्र पर शासन किया। होस्नी सबसे बड़ा क्रूर तानाशाह(Most Brutal Dictators in History) था और उसकी क्रूरता की वजह से ही जनता उसकी विरोधी हो गई थी। इस्लामी चरमपंथियों ने होस्नी पर तकरीबन 6 बार जानलेवा हमले किए। साल 2011 में जनता के आंदोलन की वजह से होस्नी को सत्ता से बेदखल कर दिया गया और साल 2012 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

ईदी अमीन

तानाशाहों में एक नाम युगांडा के शासक ईदी अमीन(Idi Amin) का भी है जिसने 1971 में सत्ता हथिया ली थी। हालांकि ईदी अमीन ने 8 सालों तक राज किया। अमीन बेहद ही सनकी शासक था और वह किसी को भी उससे बेहतर न तो मानता था न होने देना चाहता था। उसके शासनकाल के दौरान तकरीबन 6 लाख लोगों की हत्या की गई। अमीन लोगों को बेहद ही दर्दनाक और खौफनाक सजा देता था। सजा के तौर पर वह लोगों के निजी अंग के अलावा उनके हाथ-पैर कटवा देता था। अमीन इंसान का मांस खाता था यानी वह एक नरभक्षी था। अमीन इतना क्रूर था कि उसने अपने शासनकाल में सजा के तौर पर अपराधियों के सिर हथोड़े से फोड़ने के आदेश जारी किए थे।

किम जोंग उन

अगले तानाशाह की बात करें तो नाम आता है किम जोंग उन का। किम जोंग(Kim Jong-un), किम जोंग इल(Kim Jong-il) के बेटे और किम सुंग(Kim Il-sung) के पोते हैं। किम जोंग उन के पिता ने उत्तर कोरिया पर 1994 से 2011 तक राज किया था जबकि उनके दादा ने 1948 से 1994 तक राज किया। अब किम जोंग उन उत्तर कोरिया की कमान संभाल रहे हैं। कहा जाता है कि किम जोंग उन ने स्विट्जरलैंड के एक स्कूल से शिक्षा ग्रहण की है। किम जोंग एक तानाशाह(Most Brutal Dictators in History) है और उसने जेलों व कैम्पों में आतंक मचाया हुआ है। कहा जाता है कि जो लोग वहां से भागने की कोशिश करते हैं उनका सीधा एनकाउंटर किया जाता है। किम बेहद सनकी है और उसे किसी की कोई परवाह नहीं है उसके मन में जो आता है वह वही करता है। एक महिला जो उत्तर कोरिया से भाग कर आई उसने बताया कि वहां उसकी आंखों के सामने ही हजारों महिला कैदियों के साथ पुरुष सुरक्षा गार्डों ने दुष्कर्म किया और उनकी हत्या भी की। इतना ही नहीं कैदियों को जिंदा जला दिया जाता है।

सद्दाम हुसैन

सबसे आखिर में जो नाम आता है वह है सद्दाम हुसैन का।  28 अप्रैल 1937 को बगदाद के उत्तर में स्थित तिकरित के पास एक गांव अल-ओजा में सद्दाम हुसैन(Saddam Hussein) का जन्म हुआ था। 20 वर्ष की आयु में सद्दाम ने बाथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और सुन्नियों के बीच अपनी जगह बनाकर अपना एक समूह भी तैयार कर लिया। इसके बाद सद्दाम ने 16 जुलाई 1979 को अल बकर को सत्ता से बेदखल कर खुद गद्दी पर बैठ गया और ईराक पर शासन करने लगा। सद्दाम हुसैन ने हजारों कुर्द, शिया और तुर्की के मुसलमानों को मौत के घाट उतारा। वहीं ऐसा अनुमान है कि सद्दाम के शासनकाल में तकरीबन 20 लाख लोगों की हत्या की गई थी। वहीं ऐसा भी कहा जाता है कि सद्दाम ने रासायनिक हमला करवाकर तकरीबन एक लाख कुर्दिश पुरुष, महिलाओं और बच्चों को मौत के घाट उतारा था। सद्दाम को लेकर एक दावा यह भी किया जाता है कि उसने मरने वालों की चीख-पुकार को रिकॉर्ड करवा लिया था और रात में खाने के वक़्त उन्हें सुनकर हंसता था। साल 2006 में 5 नवंबर को सद्दाम हुसैन(Saddam Hussein) को फांसी की सजा सुनाई गई और उसे त्तरी बगदाद के खदीमिया इलाके के कैंप जस्टिस में फांसी दी गई।

फांसी की सजा के बाद आखिर क्यों जज, तोड़ते हैं पेन की निब

62 लाख की चोरी के बाद कैश के साथ इंस्टाग्राम पर डाली फोटो और फिर…

Video : आखिर क्यों एक बिल्ली के लिए पुलिसकर्मी ने रुकवाया ट्रैफिक

Prabhat Jain

Share.