कश्मीर मुद्दे पर नेहरू की राह पर पीएम मोदी!

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan ) के अमेरिका (America) जाते ही भारत में बवाल शुरू हो गया है। घरों से लेकर सदन तक सभी ओर बस यही चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi) कश्मीर (Jammu and Kashmir) मुद्दे पर क्या रुख अपना रहे हैं। क्या वे द्विपक्षीय संबंध पर ठीके रहते हैं या फिर मध्यस्थता स्वीकार करते हैं। इस मुद्दे पर आज सदन में भी काफी देर तक हंगामा होता रहा। अब कई लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मुद्दे पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) की राह पर चल रहे हैं, जिसका कभी लौह पुरुष सरदार वल्ल्भभाई पटेल (Vallabhbhai Patel)  ने विरोध किया था। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी मध्यस्थता के लिए तैयार हैं!

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कश्मीर मुद्दे पर क्या था नेहरू का रुख

अभी के हालात जानने से पहले यह जानना जरुरी है कि इस मुद्दे पर जवाहर लाल नेहरू ने क्या किया था। कहा जा रहा है कि कश्मीर मुद्दे को नेहरू संयुक्त राष्ट्र परिषद में लेकर गए थे, जिसके लिए सरदार पटेल राजी नहीं थे। जब लॉर्ड माउंटबेटन की सलाह पर जवाहर लाल नेहरू मामले को संयुक्त राष्ट्र में ले जाना चाहते थे तो उन्होंने पटेल ने कहा था, ‘जवाहर रोएगा’। नेहरू को इस फैसले के लिए पछताना पड़ेगा। इसके बाद सरदार पटेल ने कई मंचों और रैलियों में कहा कि वह इस विचार से सहमत नहीं थे कि संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मामला ले जाया जाए। यहां तक कि वह इससे नाखुश भी थे। एक भाषण में उन्होंने कहा था कि सुरक्षा परिषद कश्मीर विवाद को हल नहीं कर सकती और अब ऐसे ही मामला अमेरिका के पास ले जाने की बात कही जा रही है।

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क्या मध्यस्थता पर राजी है पीएम मोदी

जहाँ एक ओर यह कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप  के सामने मध्यस्थता की पेशकश की वहीँ इस बात को भारत द्वारा खारिज किया जा रहा है। आज यानी मंगलवार को सदन में राज्यसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बयान जारी कर अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को खारिज किया। विदेश मंत्री ने कहा कि शिमला समझौते और लाहौर संधि के आधार पर ही आगे बढ़ेंगे। कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है और दोनों देश ही मिलकर इसे सुलझाएंगे। कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा बताते हुए भारत सरकार के स्टैंड को विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया। एस. जयशंकर ने कहा, ‘हम अपने पूर्व के स्टैंड पर कायम हैं। कश्मीर का मुद्दा द्विपक्षीय मुद्दा है और इससे जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान भारत-पाकिस्तान मिलकर ही करेंगे।

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ट्रंप के झूठे बयान से बढ़ जाएंगी भारत- अमेरिका में दूरियां

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद अब यह कहा जा रहा है कि इससे भारत और अमेरिका के रिश्तों में दरार आ सकती है, क्योंकि ट्रंप ने पीएम मोदी के नाम पर झूठा बयान दिया, जिसके बाद देश में बवाल मचा हुआ है।इतना ही नहीं इस मामले पर देश में विपक्ष पीएम मोदी से जवाब की मांग कर रहा है। अब देखना यह है कि प्रधानमंत्री मोदी क्या सदन में आकर जवाब देते हैं और क्या अमेरिका और भारत के रिश्तों में दूरियां आती है ?

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