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कर्नाटक का राजनीतिक संग्राम राष्ट्रपति शासन की ओर!

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कर्नाटक (Karnataka) में सियासत का नाटक जारी है। राज्य सरकार के कई विधायक इस्तीफा दे चुके हैं। कांग्रेस-जेडीएस ( Congress-JDS ) के समर्थन में बनी सरकार अब गिरने की कगार पर आ चुकी है। इसी सियासी संग्राम के बीच अब कहा जा रहा है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लग सकता है। आज यानी मंगलवार को बेंगलुरु (Bengaluru) में कांग्रेस विधायक दल की बैठक है तो भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने राज्यभर के जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया है। ये प्रदर्शन और हंगामा इसी बात की ओर इशारा करता है किसी भी वक्त सरकार गिर सकती है  और ऐसा ही रहा तो राष्ट्रपति शासन (Presidents Rule In Karnataka) भी लग जाएगा।

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कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन

राज्य में जहां कांग्रेस और जेडीएस की परेशानी पार्टी छोड़ने वाले विधायकों के कारण बनी हुई है, वहीँ भाजपा इस बात की ख़ुशी मना रही है और सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। यह भी कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी (H. D. Kumaraswamy) इस्तीफा दे सकते हैं, सीएम के इस्तीफे और हंगामे को देखते हुए राष्ट्र्पति शासन लग सकता है। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व राज्य की स्थिति पर कड़ी नजर रखे हैं, सभी राज्य सरकार को छोड़कर जाने वाले विधायकों को भाजपा में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

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येदुरप्पा बनेंगे सीएम ?

भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने की तैयारी में हैं, लेकिन अभी तक केंद्रीय नेतृत्व ने इस बारे में कोई संकेत नहीं दिए हैं। गठबंधन के 13 विधायकों के इस्तीफे व एक निर्दलीय विधायक के भाजपा को समर्थन देने से कुमारस्वामी सरकार अल्पमत की स्थिति में पहुंच गई है। भाजपा भले ही इसमें अपना हाथ होने से इनकार कर रही है, लेकिन उसके नेता पूरी तरह से सक्रिय हैं। बीएस येदियुरप्पा के घर पर पार्टी नेताओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है, जिसके लिए यह संभावना जताई जा रही है कि नई सरकार बनने पर चर्चा हो सकती है।

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कांग्रेस विधायक का आरोप

पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बसवराज राय रेड्डी ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद भाजपा कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाने की कोशिश कर रही है। राज्य में गठबंधन सरकार बहुमत में है और उसका गिरना मुश्किल है, जबकि भाजपा के लिए बहुमत हासिल करना असंभव है। भाजपा आलाकमान भी राज्य सरकार को गिराने और बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाने के लिए ‘ऑपरेशन कमल’ के लिए तैयार नहीं है।

इसलिए भाजपा नेता कुछ कांग्रेस विधायकों को त्यागपत्र देने को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीँ भाजपा का कहना है कि राज्य सरकार के पास बहुमत नहीं है। इन सभी घमासान के बीच राज्य के राजयपाल पर भी विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया जा रहा है।  राज्य में सभी ओर केवल हंगामा हो रहा है। यदि राज्य में भाजपा और कांग्रेस + जेडीएस का प्रदर्शन ऐसे ही बढ़ता रहा तो जल्द ही राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है।

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