कैलाश विजयवर्गीय के हाथ बंगाल की कमान, BJP में TMC के मंत्री

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पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election ) में अभी काफी समय बचा हुआ है। वर्ष 2021 में चुनावी की तारीख बताई गई है, लेकिन अब कहा जा रहा है कि उसके पहले ही ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार गिर जाएगी और इसके बाद पश्चिम बंगाम में भाजपा (West Bengal CM Kailash Vijayvargiya) की नई पारी शुरू हो जाएगी। लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) में भाजपा को दीदी (CM Mamta Banerjee ) के राज में भारी मत दिलाने वाले भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (BJP General Secretary Kailash Vijayvargiya )  भाजपा के लिए हुकुम का इक्का साबित होने वाले हैं। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की कमान विजयवर्गीय को सौंप दी है तो अब वे ही वहाँ के नए मुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं।

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बीजेपी में शामिल टीएमसी के नेता

जानकारों का कहना है कि टीएससी के कार्यकर्ता सीएम ममता बनर्जी की तानाशाही से परेशान हो गए हैं, जिसके कारण वे टीएमसी छोडकर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं! इससे टीएमसी परेशान और कमजोर हो रही है। इस बात का खुलासा खुद कैलाश विजयवर्गीय (West Bengal CM Kailash Vijayvargiya) ने एक कार्यक्रम में कहा। उन्होने कहा कि भाजपा ने कभी भी किसी अपराधी को लाभ नहीं दिया। हमारी टीम में तो वाममोर्चा व तृणमूल के नेता आये हैं, क्योंकि वे तानाशाही से परेशान थे।  इनका परिवार टूट  रहा है।

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कैलाश विजयवर्गीय से जब एक कार्यक्रम के दौरान सवाल किया गया कि भाजपा वाले  करेक्शन होम चला रहे हैं? रेपिस्ट, क्रिमिनल जो भी भाजपा में चला जाये,  तो वह ठीक हो जाता है। इसके जवाब में उन्होने कहा की हम आपकी तरह नहीं  हैं कि अपने लोगों का साथ छोड़ कर कांग्रेस का हाथ थाम लें, जिसे आपने कई  सालों तक गालियां दी हैं। 2005 या 2006 में ममता बनर्जी ने संसद में सीपीएम का विरोध करते हुए आवाज उठाई थी, घुसपैठियों को बाहर फेंकिए, लेकिन अब वो तुष्टिकरण के चक्कर में घुसपैठियों के समर्थन में खड़ी हैं। उन्हें राशन कार्ड देने की बात कह रही हैं।  अब उन्हें सीएबी और एनआरसी दोनों से दिक्कत हैं। वे दोहरे चरित्र की राजनीति कर रही हैं। वोट बैंक के लिए राजनीति कर रही हैं। खुद दूसरी पार्टी के नेता हमसे जुड़ना चाह रहे हैं। यदि हम गलत होते तो ऐसा नहीं होता।

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         – Ranjita Pathare 

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