निर्भयाकांड का सबसे क्रूर गुनहगार जिसको नाबालिग होने के कारण सजा नहीं मिली

0

देश के हर तबके को झकझोर कर रख देने वाले निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gang rape) में कल सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है। 6 साल पहले जिस मनहूस रात में यह गैंगरेप हुआ था उस समय छह आरोपियों में से एक नाबालिग (Juvenile Accused In Nirbhaya Gangrape) था। हालांकि वह कुछ ही महीनों बाद 18 साल का होने वाला था लेकिन कोर्ट ने मौजूदा कानून के आधार पर उसे नाबालिग मानते हुए सजा देने की बजाए सुधार गृह में भेजने का फैसला सुनाया था. आपको बता दें यही वो केस है जिसके बाद नाबालिगों की उम्र 18 से घटाकर 16 कर दी गई। निर्भया के दोषियों में से यही एक चेहरा है जिसे आज तक देश ने नहीं देखा है। चारों दोषियों को 22 जनवरी को फांसी दी जाएगी. मौत की सजा पाने जा रहे इन दोषियों (Nirbhaya convicts) में मुकेश सिंह (Mukesh Singh), पवन गुप्ता (Pawan Gupta), विनय शर्मा (Vinay Sharma) और अक्षय ठाकुर (Akshay Thakur) के अलावा मामले में 2 और दोषी भी थे. इनमें से एक गुनहगार राम सिंह (Ram Singh) ने जेल में ही कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी. इसके अलावा एक और दोषी भी था. वारदात के वक्त नाबालिग होने के कारण उसे जुवेनाइल कोर्ट से 3 साल की ही कैद हुई और अब वो आजाद है. यही अकेला दोषी है, जिसका चेहरा और यहां तक कि नाम भी दुनिया नहीं जानती है.

Nirbhaya Case LIVE : दोषियों की फांसी तय, सुप्रीम कोर्ट ने की याचिका खारिज

Juvenile Accused In Nirbhaya Gangrape | Read Full newsइस मामले में दोषी नाबालिग अब 23 साल का हो गया है और आजाद है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो आज क्या है और कहां है। कुछ दिन सुधार गृह में रहने के बाद दिसंबर 2016 में उसे मुक्त कर दिया गया। निर्भया (Nirbhaya) मामले में दोषी नाबालिग (Juvenile Accused In Nirbhaya Gangrape) दक्षिण भारत में कही कुक का काम कर रहा है। एक एनजीओ (NGO) के अधिकारी ने बताया कि वह एक नए रूप में आ चुका है और यहां तक की उसने एक नया नाम भी रख लिया है। उसने दिल्ली में प्रेक्षणगृह में खाना पकाने का काम सीखा था।अधिकारी ने कहा कि हमने उसे राष्ट्रीय राजधानी से बहुत दूर भेज दिया जिससे कि लोग उसका पता न लगा सकें और वह एक नई जिंदगी शुरू कर सके। नाम जाहिर न करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि वह दक्षिण भारत में कही कुक का काम कर रहा है। उसका नियोक्ता उसके वास्तविक नाम के बारे में नहीं जानता और वह उसकी पिछली जिंदगी से भी अवगत नहीं है। अधिकारी ने कहा कि हम उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजते रहते हैं जिससे कि वह किसी की नजर में न आ सके।

Delhi Nirbhaya case: निर्भया के दरिंदों का होगा अंगदान  ?

Juvenile Accused In Nirbhaya Gangrape | Read Full newsआपको बता दें की घटना के समय नाबालिग सामूहिक दुष्कर्म (Juvenile Accused In Nirbhaya Gangrape) में शामिल पांचवां व्यक्ति था। खबरों के अनुसार निर्भया के साथ सबसे अधिक क्रूरता इसी नाबालिग ने की थी। छहों दोषियों के बयान के बाद ये माना जाता रहा है कि इसी नाबालिग ने निर्भया और उसके दोस्त को आवाज देकर अपनी बस में बुलाया था, जबकि वो एक स्कूल बस थी, न कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट. निर्भया के बैठने के बाद उसी ने छेड़छाड़ शुरू की और अपने साथियों को रेप के लिए उकसाया. यही वो दोषी था, जिसने निर्भया के शरीर में लोहे की रॉड घुसाई, जिससे फैला इंफेक्शन 26 साल की छात्रा की मौत की वजह बना.

Juvenile Accused In Nirbhaya Gangrape | Read Full news16 दिसंबर की रात निर्भया (Juvenile Accused In Nirbhaya Gangrape) अपने एक दोस्त के साथ फिल्म देखकर लौट रही थी. रास्ते में दोनों ने मुनीरका से एक बस ली. इस बस में उनके अलावा 6 लोग है. जल्द ही उन लोगों ने निर्भया से छेड़खानी शुरू कर दी, जो रेप में बदल गई. इस बीच निर्भया के दोस्त को दोषियों ने पीटकर बेहोश कर दिया था. बर्बर गैंग रेप के बाद उन लोगों ने खून से लथपथ निर्भया और उसके दोस्त को वसंत विहार इलाके में चलती बस से फेंक दिया. आंतों और पूरे शरीर में गंभीर इंफेक्शन के बाद एयरलिफ्ट कर निर्भया को सिंगापुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां 29 दिसंबर की देर रात उसने दम तोड़ दिया.


एनजीओ अधिकारी के अनुसार नाबालिग (Juvenile Accused In Nirbhaya Gangrape)  रहा आरोपी बस ड्राइवर राम सिंह के लिए काम करता था। उसके राम सिंह के यहां 8000 रुपये बकाया थे और वह लगातार राम सिंह से अपने पैसे मांग रहा था। घटना की रात वह राम सिंह के पास अपने पैसे लेने गया था और अपराध का हिस्सा हो गया था। आपको बता दें की दिल्ली से महज 240 किलोमीटर दूर एक गांव में रहने वाला यह नाबालिग महज 11 साल की उम्र में अपना घर छोड़ भाग आया था। घर से भागकर दिल्ली आते ही सबसे पहले उसकी मुलाकात राम सिंह से हुई जो निर्भया कांड का आरोपी था जिसने तिहाड़ में आत्महत्या कर ली थी। रामसिंह ने ही उसे बस की सफाई के काम पर रख लिया और यहीं से उसकी नौकरी शुरू हो गई। बता दें जिस बस की सफाई का कमा उसे दिया गया उसी में 16 दिसंबर 2012 की रात निर्भया के साथ गैंगरेप को अंजाम दिया गया जिसमें यह नाबालिग भी शामिल था।

#KabTakNirbhaya: 16 दिसंबर की काली रात का इंसाफ अभी भी बाकी है

-Mradul tripathi

Share.