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वित्त मंत्री की डिनर पार्टी का पत्रकारों ने किया बहिष्कार

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वित्त मंत्रालय द्वारा नॉर्थ ब्लॉक में पत्रकारों के प्रवेश पर पाबंदी लगाए जाने पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कड़ा एतराज जताया है। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने वित्त मंत्रालय के इस फैसले को ‘पत्रकारिता की स्वतंत्रता’ के लिए खतरा बताया। सरकार के इस फैसले के खिलाफ एडिटर्स गिल्ड ने एक पत्र भी जारी किया जिसमें लिखा गया है कि, “इससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रेस की आजादी को लेकर भारत की छवि और खराब होगी।”

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फिलहाल सरकार ने वित्त मंत्रालय के अंदर सिर्फ उन्हीं पत्रकारों को प्रवेश की अनुमति प्रदान की है जिन्होंने पहले से ही किसी अधिकारी से मिलने की अनुमति प्राप्त की हुई है। वहीं ‘पत्रकारिता की स्वतंत्रता’ की हिफाजत के लिए पत्रकारों ने एकता का प्रदर्शन किया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट के पत्रकारों के लिए एक डिनर पार्टी का आयोजन किया था। इस डिनर पार्टी का 100 से ज्यादा पत्रकारों ने बहिष्कार कर दिया। यह बहिष्कार सरकार के उसी फैसले के खिलाफ किया जिसमें पत्रकारों को वित्त मंत्रालय के अंदर प्रवेश वर्जित किया गया था।

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मिली जानकारी के अनुसार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा आयोजित की गई इस डिनर पार्टी में केवल 5-6 पत्रकारों और 16 संपादकों ने ही हिस्सा लिया था। वहीं सरकार के इस फैसले के खिलाफ गिल्ड का कहना है कि इस बात से गिल्ड का कोई विवाद ही नहीं है कि पत्रकारों को संयम और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए। लेकिन सरकार ने पत्रकारों के प्रवेश पर जो अंकुश लगाया है वह इसका उत्तर नहीं है। गिल्ड ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि पत्रकार सिर्फ अपना काम करने और ख़बरों को जुटाने के लिए और अपने चुनौतीपूर्ण कार्य को करने के लिए सरकारी दफ्तर जाते हैं, वहां विजटर्स रूम के आव-भगत और वहां की सुख-सुविधाओं के लिए नहीं जाते।

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गिल्ड का कहना है कि यदि सरकारी कार्यालयों में पत्रकारों के प्रवेश से काम में अड़चन पैदा हो रही है तो इसे पत्रकारों के साथ बातचीत से सुलझाया जा सकता है। लेकिन इस तरह का आदेश मीडिया की स्वतंत्रता पर एक कुठाराघात की तरह है। गिल्ड ने वित्त मंत्री सीतारमण से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील के साथ ही इस आदेश को वापस लेने का निवेदन किया है। इस मामले में वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह का कोई भी आदेश औपचारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है।

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