जिओ इंस्टीट्यूट’ पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

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नरेंद्र मोदी सरकार ने देश के लिए उत्कृष्ट संस्थान (इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस) की घोषणा कर दी है| एचआरडी यानी मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस घोषणा में ‘जिओ इंस्टीट्यूट’ का नाम शामिल किया है| हैरानी की बात यह है कि  यह इंस्टीट्यूट अब तक अस्तित्व में नहीं आया है| इस वजह से ट्विटर पर ‘जिओ इंस्टीट्यूट’ को लेकर जमकर सरकार का मज़ाक उड़ाया जा रहा है| सरकार से सवाल पूछे जा रहे हैं कि, ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ में जिस ‘जिओ इंस्टीट्यूट’ को शामिल किया गया है, वह कहां है?

केंद्र सरकार ने तीन सार्वजनिक और तीन प्राइवेट विश्वविद्यालयों को ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ का दर्जा दिया है| इस सूची में रिलायंस फाउंडेशन के ‘जियो इंस्टीट्यूट’ को शामिल किए जाने पर कांग्रेस ने भी सरकार पर सवाल उठाए हैं| इस मामले पर कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, भाजपा सरकार ने मुकेश और नीता अंबानी का फिर पक्ष लिया है| जिस ‘जिओ इंस्टीट्यूट’ का अभी निर्माण होना है, उसे इमिनेंट इंस्टीट्यूट का दर्जा दे दिया गया| सरकार को बताना होगा कि किस आधार पर इस विश्वविद्यालय का ग्रांट के लिए वर्गीकरण किया गया|

इन विश्वविद्यालय का चयन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने किया है| जिओ के साथ सूची में जगह बनाने वाले अन्य संस्थानों में ‘बिट्स पिलानी’, ‘मनीपाल एकेडमी ऑफ हायर एजूकेशन’, ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बेंगलुरु’ और ‘आइआइटी’ मुंबई और दिल्ली शामिल हैं|

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