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Tabrez Ansari Jharkhand Lynching : तबरेज़ लिंचिंग मामले में सामने आई पुलिस की बड़ी खामी!

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हमने कई बार देखा होगा कि पुलिस (POLICE) के पास जब कोई शिकायत लेकर जाते हैं, तो वे एफआईआर (First information report) लिखने में आनाकानी करते हैं। कई सवाल पूछते हैं और कई बार तो पार्थी को बिना शिकायत लिखे ही भगा दिया जाता है। पुलिस की लापरवाही कई लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो जाती है। झारखंड में मॉब लिंचिंग (Tabrez Ansari Jharkhand Lynching ) का शिकार हुए तबरेज़ की मौत के लिए जितने उसे मारने वाले दोषी हैं उतने ही पुलिस वालों का भी दोष है।

इस मामले में अभी तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, 2 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

स्पा की आड़ में चल रहा था गंदा खेल

जानकारी के अनुसार, झारखंड के तबरेज (Tabrez Ansari Jharkhand Lynching ) को जब पुलिस थाने लेकर गई, तब पुलिस ने उसका बयान तो दर्ज कर लिया, लेकिन उसमें मारपीट का ज़िक्र नहीं किया। इतना ही नहीं पुलिस ने अस्पताल में डॉक्टरों पर दबाव डालकर उसे फिट घोषित कराया और जेल भेज दिया। यदि उस समय पुलिस ने डॉक्टरों को तबरेज़ की पिताके बारे में बताया होता तो शायद उसकी जान बच जाती। अब इस मामले में सरायकेला खरसावां के एसपी कार्तिक ने 2 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया है।

सीएम के कारण मरीजों के साथ बदसलूकी

इस बारे (Tabrez Ansari Jharkhand Lynching ) में एक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दो पुलिस, एक सब इंस्पेक्टर और एक सहायक सब इंस्पेक्टर को ड्यूटी से बाहर करने के लिए निलंबित कर दिया गया है। अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तबरेज पर मोटरसाइकिल चुराने का आरोप लगाया गया था।

भीड़ ने उसे एक खंभे से बांध दिया और कई घंटों तक उसकी लाठियों से पिटाई की। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया, जिसमें उसकी पिटाई करने वाले उससे ‘जय श्रीराम’ और ‘जय हनुमान’ के नारे लगवा रहे हैं। जब वह बेहोश हो गया तो उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

चौराहे पर मुखबिर को मार दी गोलियां

जहाँ पुलिस ने डॉक्टरों को तबरेज की पिटाई के बारे में नहीं बताया वहीँ उस एफआईआर में भी मारपीट का जिक्र नहीं किया गया है, जो कमल महतों द्वारा दर्ज कराई गई थी। कमल महतो ही वही व्यक्ति है, जिसके घर में तबरेज पर कथित रूप से मोटरसाइकिल चोरी करने का आरोप लगा था।  अब कमल महतो खुद तबरेज के साथ मारपीट करने के मामले में पुलिस की गिरफ्तर में है। कांग्रेस ने कहा कि उसने घटना की जांच के लिए सात सदस्यीय टीम का गठन किया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ‘हम मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा और उसकी पत्नी को नौकरी दिए जाने की मांग करते हैं।

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