हिजबुल मुजाहिदीन से ‘तय सैलरी’ पाता था देविंदर सिंह

0

आज जब देशभर में कौन देशद्रोही और कौन देशभक्त पर घमासान मचा हुआ है. तब खाकी वर्दी की आड़ में आतंकियों की नौकरी करने वाले बर्खास्त डीएसपी दविंदर को लेकर एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है. जी हां डीएसपी दविंदर आतंकी संगठन से ‘सैलरी’ ले रहा था. 11 जनवरी को आतंकी नवीद मुश्ताक की मदद के लिए गिरफ्तार दविंदर के इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA जांच कर रही है.  दविंदर आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन को मदद करने के लिए सैलरी लेता था. आपको बता दें कि हिजबुल के ही आतंकी नवीद मुश्ताक के साथ देविंदर को 11 जनवरी को पकड़ा गया था जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया. दविंदर ने न सिर्फ नवीद को ट्रांसपोर्ट करने और छिपने के लिए जगह देने के लिए हिजबुल से पैसे लिए, बल्कि पूरे साल मदद करते रहने के लिए भी नियम से पैसे लेता था. एक अधिकारी ने बताया कि जब दविंदर पकड़ा गया तब वह नवीद को सर्दी में रुकवाने के लिए जम्मू लेकर जा रहा था. जिसके बाद नवीद वहां से पाकिस्तान जाता.

शरजील इमाम को बीच चौराहे पर खड़ा करके गोली मार देनी चाहिए: संगीत सोम

नाथूराम गोडसे और पीएम मोदी की विचारधारा एक जैसी: राहुल गांधी

अधिकारी ने जानकारी दी कि दविंदर 20-30 लाख रुपए के लिए समझौता कर रहा था. वह पहले भी नवीद को जम्मू लेकर जाता था लेकिन उसे पूरी पेमेंट नहीं की गई थी. कई साल से नवीद के संपर्क में रह चुका दविंदर उसके पेरोल पर काम करता था. वहीं इसके अलावा दविंदर सिंह के साथ गिरफ्तार आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के स्वयंभू कमांडर नवीद बाबू ने अपने संबंधों की जानकारी उगलना शुरू कर दिया है और पूछताछ में उसने बताया कि वह हाल ही में भंग विधानसभा के निर्दलीय विधायक के संपर्क में था. नवीद उर्फ बाबू जिसका पूरा नाम सैयद नवीद मुस्ताक अहमद है, मौजूदा समय में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में है. एनआईए उस मामले की जांच कर रही है जिसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस का उपाधीक्षक दविंदर सिंह शामिल है और 11 जनवरी को नवीद सहित आतंकवादियों को घाटी से बाहर पहुंचाने में मदद करने के लिए गिरफ्तार किया गया था.

खाकी वर्दी की आड़ में आतंकियों की नौकरी करता था DSP Davinder Singh | Kulgam | Hizbul | Afzal Guru

खाकी वर्दी की आड़ में आतंकियों की नौकरी करता था DSP Davinder Singh | Kulgam | Hizbul | Afzal Guruआतंकियों की मदद करने के आरोपी बर्खास्त डीएसपी दविंदर सिंह के बारे में एक नया खुलासा हुआ है. जी हां डीएसपी दविंदर आतंकी संगठन से 'सैलरी' ले रहा था. 11 जनवरी को आतंकी नवीद मुश्ताक की मदद के लिए गिरफ्तार दविंदर के इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA जांच कर रही है.#DavinderSingh

Talented India News द्वारा इस दिन पोस्ट की गई शुक्रवार, 31 जनवरी 2020

जामिया गोलीकांड के समर्थन में बोले फिल्म निर्माता अशोक पंडित

अधिकारियों के अनुसार नवीद ने दावा किया है कि उत्तरी कश्मीर में आतंकवादियों का मजबूत ठिकाना बनाने के लिए वह विधायक के नियमित संपर्क में था और छिपने के संभावित इलाके की तलाश कर रहा था. जम्मू कश्मीर विधानसभा में तीन निर्दलीय विधायक थे. दविंदर सिंह और नवीद के अलावा खुद को वकील बता रहे रफी अहमद रादर और इरफान शफी मीर को उसी दिन काजीगुंड में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से गिरफ्तार किया गया.

-Mradul tripathi

Share.