Sardar Patel की जयंती पर अस्तित्व में आए 2 केंद्र शासित प्रदेश

0

सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जयंती 31 अक्टूबर को मनाई जाती है। पटेल  ने 565 रियासतों का विलय कर भारत को एक राष्ट्र बनाया था इसीलिए उनकी जयंती के मौके पर पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) मनाया जाता है। पहली बार राष्ट्रीय एकता दिवस 2014 में मनाया गया था और आज उनकी जयंती (Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti) पर दो केंद्र शासित प्रदेश अस्तित्व में आए हैं। आज़ादी के इतिहास में आज का दिन भी स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जाएगा। आज से जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir ) के निवासी भी  भारत के अन्य  लोगों के जैसे जीवन जी सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind ) के हस्ताक्षर के साथ आधी रात से ही केंद्र सरकार (central government ) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir ) और लद्दाख (Ladakh) को दो केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया है। इसके साथ ही आज से जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन भी हो गया। अब कश्मीर के पुनर्गठन की तिथि 31 अक्टूबर से आज आज से प्रभावी मानी जाएगी (Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti)। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में कई बदलाव  भी  किए गए हैं।

आइये जानते हैं आज से क्या–क्या बदला

# आज से जम्मू-कश्मीर  और लद्दाख दोनों अलग -अलग हो गए हैं। जम्मू कश्मीर में अब तक 87 सीटों पर चुनाव होते थे।  जिनमें 4 लद्दाख की, 46 कश्मीर की और 37 जम्मू की सीटें थीं। लद्दाख की 4 सीटें हटाकर अब केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में 83 सीटें बची हैं, जिनमें परिसीमन होना है। सरकारी कर्मचारी दोनों में से किसी एक राज्य को चुन सकते हैं ।

# जनता को आज से कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। आज से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दोनों राज्यों में कम से कम 106 केंद्रीय कानून लागू हो पाएंगे।

# अभी दोनों राज्यों का एक ही हाईकोर्ट होगा लेकिन दोनों राज्यों के एडवोकेट जनरल अलग होंगे।

# केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ केंद्रीय मानवाधिकार आयोग का कानून, सूचना अधिकार कानून, एनमी प्रॉपर्टी एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाला कानून और अन्य योजनाएँ भी आज स ए लागू हो गई हैं ।

# अब जम्मू-कश्मीर विधानसभा में भी अनुसूचित जाति के साथ साथ अब अनुसूचित जनजाति के लिए सीटें आरक्षित रहेगी। पहले कैबिनेट में 24 मंत्री बनाए जा सकते थे, अब दूसरे राज्यों की तरह कुल सदस्य संख्या के 10% से ज़्यादा मंत्री नहीं बनाए जा सकते हैं। इसी के साथ अन्य कई बदलाव भी आज से लागू हो जाएँगे।

VIDEO : बच्चों को नरभक्षी बना रही कमलनाथ सरकार!

      -Ranjita Pathare 

 

 

 

Share.