जामिया में हुई हिंसा के लिए बीजेपी नेता जिम्मेदार!

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दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia CAB Protest) में पुलिस कार्रवाई और विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) (Citizen Amendment act) कानून के खिलाफ सोमवार को देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शन का समर्थन नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी करते नजर आए। कहीं-कहीं ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, तो कहीं इसने हिंसक रूप ले लिया। अब इस हिंसा मामले में 15 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है. वहीं इस एफआईआर में नेताओं के नाम भी शामिल है.पुलिस के अनुसार पुलिस ने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी और जामिया नगर थाने में FIR दर्ज की है. करीब 15 लोगों के नाम FIR में शामिल है. सूत्रों का कहना है कि एफआईआर में कुछ नेताओं के नाम भी हैं. वहीं जांच बढ़ने पर और कई लोगों के नाम भी जरूरत पड़ने पर इसमें शामिल किए जाएंगे. सूत्रों का कहना है कि मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है. पुलिस वीडियो की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है. आपको बता दे की जामिया हिंसा को लेकर सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे है।  एक वीडियो में एक जामिया में पत्थर बरसा रहा है और वह शख़्स इस गाडी से उतरा उसमे भाजपा का झंडा लगा हुआ है अब ऐसे में सोचने वाली बात यह है की यह हिंसा क्या भाजपा करवा रही है ?

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 आपको बता दें की दिल्ली की  जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Millia CAB Protest) में रविवार को हिंसा हुई. इस दौरान कई छात्र घायल हो गए. आरोप है कि पुलिस कैंपस की लाइब्रेरी में घुसी और छात्रों से मारपीट की, जिसमें कई छात्र घायल हुए. वहा पर मौजूद एक छात्र के अनुसार, जब बाहर से ज्यादा गैस के गोले आने लगे तो जो छात्र नीचे लाइब्रेरी में थे वो ऊपर आने लगे. फिर 15 मिनट बाद पुलिसवाले अंदर घुसे. उन्होंने दरवाजे तोड़ दिए और फिर वहां पढ़ाई कर रहे छात्रों से मारपीट करने लगे.

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 जानकारी के अनुसार  जामिया (Jamia Millia CAB Protest) के छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और नागरिकता कानून के खिलाफ गुस्से का असर उत्तर प्रदेश से लेकर केरल और महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल तक में देखा गया। जामिया के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष एकजुट हो गया। कांग्रेस के अलावा चार अन्य राजनीतिक दल के नेताओं ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर जामिया परिसर में रविवार शाम की घटनाओं की उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ”केंद्र सरकार एक ऐसा कानून लाकर देश में हिंसा के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है जिसका देशभर में विरोध किया जा रहा है और सभी विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। अगर सरकार यह कानून नहीं लाती तो कोई हिंसा नहीं होती।

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) (जेएनयू) के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार एक बार फिर आजादी का नारा दोहराते दिखे. जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में हुई कथित हिंसा के बाद कन्हैया कुमार ने बिहार के पूर्णिया में ‘हम ले के रहेंगे आजादी’ का नारा दोहराया. इस दौरान कन्हैया कुमार के साथ-साथ भीड़ भी यही नारा दोहराती दिखी. कन्हैया कुमार पूर्णिया में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान जनसभा में हजारों लोग भी मौजूद रहे.

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-Mradul tripathi

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