जैश-ए-मोहम्मद के निशाने पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी!

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जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पुलवामा (Pulwama)  में पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) ने बड़ा आतंकी हमला करवाया था, जिसमें सेना के कई जवान शहीद हो गए थे। अब फिर से जैश वैसी ही साजिश रच रहा है, लेकिन इस बार निशाने पर हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल (National Security Advisor Ajit Doval)। खुफिया विभाग (Intelligence) से मिले इनपुट के आधार पर यह कहा जा रहा है कि जैश आतंकवादियों का विशेष दस्ता तैयार रहा है, जिसे पीएम पर हमला करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

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आर्टिकल 370 हटाने का बदला

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने (Article 370 removed from Jammu and Kashmir) के बाद से ही पाकिस्तान भारत के इस फैसले से नाराज है और अब इसी नाराजी के कारण पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Pakistani terrorist organization Jaish-e-Mohammed) भारत के पीएम से बदला लेने की प्लानिंग कर रहे हैं। यह कहा जा रहा है कि आतंकवादियों कि मदद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एक मेजर कर रहा है। विदेशी खुफिया एजेंसी को इसके सबूत भी मिले हैं। दरअसल, जैश के पाकिस्तानी आतंकवादी (Jaish Pakistani terrorists) शमशेर वाणी और उसके आका के बीच हुई लिखित बातचीत कि जानकारी विदेशी खुफिया एजेंसी को मिली है।

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कभी भी हो सकता है बड़ा आतंकी हमला

खुफिया विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) पर कभी भी आतंकी हमला हो सकता है। प्राप्त इनपुट के अनुसार पीएम और अजित डोभाल को आतंकी आर्टिकल 370 हटाने के लिए दोषी मान रहे हैं। इसीलिए वे उनके खिलाफ बड़ी साजिश रच रहे हैं। जानकारी सामने आने के बाद प्रधानमंत्री की सुरक्षा और बढ़ाई जा चुकी है। वहीं जम्मू, अमृतसर, पठानकोट, जयपुर, गांधीनगर, कानपुर और लखनऊ समेत कुल 30 अतिसंवेदनशील शहरों की पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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वहीं खुफिया विभाग ने यह भी कहा है कि जैश ने अब अपना नाम बदलकर मजलिस-वुरासा-ए-शाहुदा जम्मू वा कश्मीर कर लिया है। संगठन ने अंतरराष्‍ट्रीय दबाव के चलते यह कदम उठाया है। यह भी कहा गया है कि जैश ने सिर्फ नाम बदला है और उसकी लीडरशिप और टेररिस्‍ट कैडर में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसे पहले खुदाम-उल-इस्‍लाम और अल रहमत ट्रस्‍ट के तौर पर जाना जाता था।

    – Ranjita Pathare

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