CAB के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, मोदी सरकार वापस लेगी फैसला ?

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नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act ) सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। IUML  ने कोर्ट में याचिका दायर की है और कहा है कि इस बिल को मंजूरी न दी जाए। यह भी कहा जा रहा है कि इंडिया मुस्लिम लीग (Indian Union Muslim League) की ओर से दायर किए गए इस मामले की पैरवी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम (Senior Congress leader and former finance minister P Chidambaram) कर सकते हैं। इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यह मामला कपिल सिब्बल भी लड़ सकते हैं ।

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इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (Indian Union Muslim League) कि ओर से दायरा कि गई याचिका में कहा गया है कि धर्म के आधार पर वर्गीकरण की संविधान इजाजत नहीं देता। ये बिल संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है, इसलिए इस विधेयक को रद्द किया जाए।  याचिका में आगे कहा गया है कि नागरिकता संशोधन बिल  संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत ट्वीन टेस्ट पर खरा नहीं उतरता है। धर्म के आधार पर वर्गीकरण को संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। ये विधेयक संविधान में वर्णित सेक्युलरिज्म के मूल सिद्धांतों का हनन करता है।

नागरिक संशोधन अधिनियम के खिलाफ मुस्लिम लीग के 4 सांसदों की तरफ से याचिका दाखिल की गई है।  मुस्लिम लीग के सांसद पीके कुनहालकुट्टी का बिल के संबंध में कहना है कि हमने संसद से पास नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ केस फाइल कर दिया है। यह हमारे संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। यह संविधान के मूल भावना के बिल्कुल खिलाफ है और किसी को भी धर्म के आधार पर इसको नष्ट करने नहीं दिया जाएगा। कैसे आप किसी अवैध घुसपैठ को मान्यता देते हुए नागरिकता प्रदान कर सकते हैं। मुस्लिम लीग के सांसद ने नागरिकता संशोधन बिल के पास होने को काला दिन करार दिया।

      – Ranjita Pathare 

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