UPA सरकार के कारण चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग में सालों की देरी!

0

चंद्रयान-2 (India Space Mission Chandrayaan 2 ) की लॉन्चिंग को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व प्रमुख रह चुके माधवन नायर (G. Madhavan Nair) ने यूपीए (UPA ) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नायर का कहना है कि चंद्रयान-2 को लॉन्च करने की मूल योजना 2012 में थी, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कुछ नीतियों के चलते उसकी लॉन्चिंग में देर हो गई।

Terrorist Attack Alert In Ayodhya : आतंकियों की गिरफ्त में आयोध्या

 नायर का मानना है कि देश में यूपीए (UPA) सरकार के कार्यकाल में इसरो (ISRO) ने कई ऐसी उपलब्धियाँ खोईं हैं, जो आज से कई सालों पहले हासिल की जा सकती थीं। माधवन नायर ने भारतीय जनता पार्टी का पक्ष लेकर यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद उन्होंने ऐसी परियोजनाओं पर जोर दिया, जो देश को विश्व स्तरीय ख्याति और प्रगति दिलवा सके। चंद्रयान (India Space Mission Chandrayaan 2 ) की परियोजना के अलावा इसमें गगनयान योजना भी शामिल थी।

कौन हैं जी माधवन ?

जी माधवन नायर इसरो में चंद्रयान-1 प्रोजेक्ट के कर्ताधर्ता रहे हैं। आज भी भारत के मानवरहित मिशन में ‘चंद्रयान-1’ प्रोजेक्ट का ही पहला स्थान है। चंद्रयान-1 को 22 अक्टूबर 2008 को छोड़ा गया था। जी माधवन नायर साल 2003 से 2009 तक इसरो में चीफ के पद पर रह चुके हैं। वहीँ कुछ ही महीनों पहले नायर भाजपा (BJP) में शामिल हुए थे।

‘मिर्ची हवन’ करने वाले बाबा ‘जल समाधि’ लेने को तैयार

माधवन नायर ने बताया कि चंद्रयान-2 का प्रोजेक्ट (India Space Mission Chandrayaan 2 ) अगस्त 2009 में तय किया गया था। इसे 2012 के अंत में लॉन्च करने की तैयारी की गई थी, लेकिन यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलायंस (UPA) द्वारा लिए गए राजनीतिक फैसलों (political decisions) की वजह से यह टलता गया। उन्होंने यह आरोप लगाया कि साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में UPA ने जीत के लिए मंगलयान मिशन का सहारा लिया था, जिसका उन्हें फायदा नहीं मिला। दरअसल, मंगलयान मिशन साल 2013 में यूपीए के शासनकाल में लॉन्च हुआ था, लेकिन  विमान जब तक मंगल पहुंचा तब तक देश में नरेंद्र मोदी की सरकार बन चुकी थी।

सावधान : कहीं आपके खाते से भी तो चोरी नहीं हो रही?

Share.