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CBI ने चिदम्बरम पर दागे ये सवाल, फंस गए बेटे कार्ति भी

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तो आखिरकार 27 घंटो तक चले लंबे ड्रामे के बाद भारत के पूर्व वित्त मंत्री और काँग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदम्बरम की गिरफ्तारी हो चुकी है । CBI और ED द्वारा नोटिस जारी करने के बाद उन्हे काँग्रेस पार्टी के मुख्यलाय से 21 अगस्त की रात 9 बजकर 46 मिनट पर  गिरफ्तार कर लिया गया है। चिदम्बरम को आज राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया जाएगा और इनकी जमानत पर सुनवाई अब CBI कोर्ट में ही होगी।

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चिदम्बरम पर INX मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग केस में घोटला करने और गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन कोर्ट ने चिदम्बरम द्वारा दायर पिटिशन खारिज कर दी थी। इसके बाद चिदम्बरम कुछ समय के फर्रार करार दिये गए लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है और INX मीडिया केस घोटाला मामले के चलते जेल ने उन्हे जादू की झप्पी दे दी है ।

गिरफ्तारी के बाद CBI के अधिकारी चिदम्बरम से काफी नाखुश नज़र आ रहे हैं क्योंकि चिदम्बरम CBI कि पूछताछ में कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं। CBI अधिकारियों ने मीडिया से बात करते हुए यह भी बताया कि वे उल्टा सवालों के बदले सवाल कर रहे हैं। । फिलहाल CBI ने चिदम्बरम को 14 दिन कि रिमांड पर रखा है । आज दोपहर 2 बजे कोर्ट में उनकी पेशी है और वहीं चिदम्बरम के बचाव में कांग्रेस पार्टी ने सुबह 10 बजे प्रैस कॉन्फ्रेंस कि है ।

जो CBI कभी पूर्व गृहमंत्री चिदम्बरम के निर्देशों पर चलती थी । उसी ने उन्हे देर रात गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, CBI टीम ने चिदम्बरम से किए जाने वाले सवालों की सूची तैयार कर ली है और अब तक 1 दर्जन सवाल पूछे जा चुके है, जिनमें चिदम्बरम के बेटे कीर्ति को लेकर भी कई सवाल पूछे गए है।

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सवाल नंबर 1- घूसख़ोरी का पैसा कैसे आया कहा से और आया तो कहां गया?

सवाल नंबर 2-  कार्ति चिदम्बरम और इंद्राणी मुखर्जी कब और कहां मिले?

सवाल नंबर 3- इंद्राणी मुखर्जी द्वारा दिये बयान पर क्या कहते हैं आप?

सवाल नंबर 4- कैसे अपने INX मीडिया में 350 करोड़ की डील बिना कैबिनेट की मंजूरी से पास कर दी थी?

सवाल नंबर 5- INX मीडिया मनी laundering केस में कैबिनेट के निर्णय को क्यों नज़रअंदाज़ किया गया?

इस मामले जब पी चिदम्बरम के बेटे कार्ति से सवाल किया गया तो उनका कहना था की “जांच एजेंसियों ने जो भी किया वो राजनीति से प्रेरित है  । ED यानि परिवर्तन निदेशलाया ने मेरे पिता के लिए जितनी बार भी समन जारी किया वे हर बार कोर्ट में पेश हुए । हम नया पाने के लिए कोर्ट जाएंगे और हमे पूरा विश्वास है कि न्याय ज़रूर मिलेगा”

CBI अधिकारी का कहना है कि वे अब भी खुद को एक आरोपी नहीं बल्कि एक मंत्री ही समझ रहे है । इतना ही नहीं, गिरफ्तारी के बाद जब अधिकारी चिदम्बरम को हवालात ले गए तो वे कहने लगे- “जेल में नहीं सोऊंगा- अकेले में डर लगता है” और ऐसा कह कर CBI अधिकारी के कमरे में रात काटी ।

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यह अटकलें लगाई जा रहीं है कि दिग्गज नेता रह चुके पी चिदम्बरम ने गयाब होकर खुद ही अपने पैरों में कुल्हाड़ी मार ली है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक वरिष्ठ वकील होने के नाते उनका गयाब होना ही उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई । एक तो कुछ घंटों के लिए लापता हो गए ऊपर से CBI के द्वारा arrest warrant जारी कर देने के बावजूद CBI को घर में घुसने नहीं दिया तो CBI के अधिकारियों ने चिदम्बरम के घर की दीवारें फांदकर उनकी गिरफ्तारी की।

अब सवाल यह उठता है कि जब खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए चिदम्बरम को प्रैस कॉन्फ्रेंस करना ही था तो वे 27 घंटों के लिए गायब हुए ही क्यों ? इस पर यह कहा जा रहा है कि चुकी उन्हे विश्वास था कि उनके वरिष्ठ वकील होने के कारण शीर्ष अदालत उनके द्वारा दायर पिटीशन स्वीकार कर लेगी, लेकिन जब ऐसा कुछ नहीं हुआ तो वे खुद कि सफाई पेश करने सामने आ गए।

इस मामले में काँग्रेस पार्टी ने एक ट्वीट भी किया है जिसमें चिदम्बरम द्वारा एक प्रेस रिलीस भी जारी किया है ।  इस ट्वीट में चिदम्बरम ने मोदी सरकार द्वारा उत्पीड़न और प्रतिशोध की राजनीति करने के आरोप लगाए हैं । चिदम्बरम लिखते हैं कि – मैं ऐसा मानता हूँ कि भारतीय लोकतन्त्र का नीव है Article 21। जो हर भारतीय को जीने कि पूर्ण स्वतन्त्रता देती है । अगर मुझे ज़िंदगी और आज़ादी में से किसी एक का चुनाव करने का मौका मिले तो मे अपनी स्वतन्त्रता को ही चुनूँगा ।

क्यों 1947 से पहले सभी सालों को Freedom of Struggle कहा गया है । वो इसलिए क्योंकि आज़ादी पाने के लिए संघर्ष तो करना ही होगा।  वे लिखते हैं कि बीते 24 घंटों में मुझे पर कई आरोप लगाए गए हैं, जो INX Media केस से जुड़े हैं । मैं इन सब आरोपों को खारिज करता हूँ न मैं और न ही मेरे परिवार का कोई भी सदस्य इसमें कोई संबंध रखता है । इससे पहले भी मुझे कोर्ट द्वारा अन्तरिम स्वतन्त्रता दी गयी है और में अब भी बहुत जल्द ही CBI की पूछताछ के बाद बाइज्जत बरी हौऊंगा” ।

फिलहाल चिदम्बरम CBI की 14 दिनों की रिमांड पर हैं, अब देखना यह है की कोर्ट की सुनवाई पर चिदम्बरम निर्दोष पाये जाते हैं या दोषी ।

 

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