आयोध्या विवाद के बाद ट्विटर पर राम विवाद

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हमारे देश की गिनती धार्मिक देशों में होती है जहा करोड़ों लोग ईश्वर के प्रति आस्था रखते है। बहुत से माता पिता अपनी संतानो का नाम भी भगवानो के नाम पर रख देते है। वैसे इसका चलन अब थोड़ा सा कम हुआ है लेकिन आजकल युवावर्ग भगवान की आस्था को अपने अलग अंदाज़ में व्यक्त करता है जैसे अपने शरीर पर भगवान् के नाम का टैटू बनवाना अपना सोशल मीडिया अकाउंट भगवान् के नाम पर बनाना।

आजकल सोशल मीडिया के बड़े प्लेटफॉर्म ट्विटर पर भगवान् के नाम जैसे राम- सीता रावण-विभीषण जैसे नाम वाले अकॉउंटस की भरमार है। बाकायदा इनका संचालन हो रहा है। अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले इन ट्विटर हैंडल से खूब धार्मिक टिप्पणियां हो रही हैं। मेरठ पुलिस ने ऐसे ट्विटर हैंडल पर जांच बैठा दी है। साइबर एक्सपर्ट्स की टीम को जांच में लगाया गया है। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने ऐसे ट्विटर हैंडल के पीछे साजिश की आशंका जताई है।

भगवान श्रीराम के नाम से बने ट्विटर हैंडल के एक ट्वीट पर बहुत से लोगों ने नाराजगी जताई है। भगवान श्रीराम नामक हैंडल से कई आपत्तिजनक ट्वीट किए गए हैं। मंदोदरी और विभीषण नाम से बने ट्विटर हैंडल से भी कई ऐसे ट्वीट हुए हैं, जिनको देखकर काफी लोग नाराज हुए जैसे जैसे अयोध्या फैसला नजदीक आ रहा है ये हैंडल वाद विवाद की वजह बनते जा रहे है। इन ट्विटर हैंडल के माध्यम से अलग अलग धर्मो पर भड़काऊ टिप्पणी की जा रही है। जिससे माहौल और बिगड़ने की आशंका है। मेरठ के एसएसपी अजय साहनी ने कहा है की देवी-देवताओं के नाम से बने कुछ ट्विटर हैंडल की जानकारी मिली है। पूरे प्रकरण में साइबर क्राइम सेल को जांच सौंप दी गई है। जांच में जो भी नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत होगा। अपनी पहचान छिपाकर भी ट्विटर हैंडल बनाना अपराध है।

-Mradul tripathi

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